22 जनवरी से लागू कोरोना गाइडलाइंस, जानिए यहां

पटना (TBN – The Bihar Now डेस्क)| गुरुवार 20 जनवरी को बिहार सरकार ने कोरोना संक्रमण से निपटने के लिए नई गाइडलाइंस जारी की. ये नई गाइडलाइंस कोरोना महामारी की तीसरी लहर (Third wave of Corona pandemic) से देश के अनेक राज्यों में कोरोना पोजिटिव मामलों की संख्या में वृद्धि होने के कारण जारी की गई है.

जैसा कि मालूम है, अभी राज्य में 6 जनवरी को जारी किए गए गाइडलाइंस 21 जनवरी तक लागू रहेंगे. गुरुवार 20 जनवरी को आपदा प्रबन्धन समूह (Crisis Management Group) ने अपनी बैठक में राज्य में कोरोना संक्रमण की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की. आपदा प्रबन्धन समूह (CMG) ने पाया की अभी 6 जनवरी से लागू किए गए प्रतिबन्धों के कारण संक्रमण की दर में सुधार आया है. फिर भी फिलहाल प्रतिबन्धों जारी रखने का निर्णय लिया गया.

बैठक में निर्णय लिया गया कि कोविड संक्रमण पर पूर्ण रूप से नियंत्रण रखने के लिए 22 जनवरी से 06 फ़रवरी तक प्रतिबंध लागू रखा जाएगा. इसके अंतर्गत निम्न गाइडलाइंस जारी किए गए हैं –

सभी सरकारी कार्यालय एवं गैर सरकारी कार्यालय 50 प्रतिशत उपस्थिति के साथ खुलेंगे तथा सरकारी कार्यालयों में आगंतुकों का प्रवेश वर्जित होगा. लेकिन इन आवश्यक सेवाओं को इससे मुक्त रखा गया है – जिला प्रशासन, पुलिस, होमगार्ड, कारा, सिविल डिफेंस, विद्युत आपूर्ति, जलापूर्ति, स्वच्छता, फायर ब्रिगेड, स्वास्थ्य, पशु स्वास्थ्य, आपदा प्रबंधन, दूर संचार, डाक विभाग से संबंधित कार्यालय, कोषागार एवं उनसे सम्बन्धित वित्त विभाग के कार्यालय, खाद्यान्न की अधिप्राप्ति से संबंधित कार्यालय, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, निर्वाचन विभाग की अत्यावश्यक गतिविधियों से सम्बन्धित कार्यालय पहले जैसा कार्य करेंगे.

न्यायिक प्रशासन के संबंध में माननीय उच्च न्यायालय के द्वारा लिया गया निर्णय प्रभावी होगा.

सभी दुकानें एवं प्रतिष्ठान 08.00 बजे रात तक ही खुल सकेंगे. लेकिन महत्वपूर्ण सेवाओं जैसे बैंकिंग, बीमा, एवं ए.टी.एम. संचालन से संबंधित प्रतिष्ठान, गैर बैंकिंग कम्पनियों के कार्यालय/गतिविधियाँ; औद्योगिक एवं विनिर्माण कार्य से संबंधित प्रतिष्ठान; सभी प्रकार के निर्माण कार्य (Construction Works); E-commerce से जुड़ी सारी गतिविधियाँ एवं कुरियर सेवायें; कृषि एवं इससे जुड़े कार्य; प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया; टेलीकम्यूनिकेशन, इंटरनेट सेवाएँ, ब्रॉडकास्टिंग एवं केबल सेवाओं से संबंधित गतिविधियाँ; पेट्रोल पम्प, एल.पी.जी., पेट्रोलियम आदि से संबंधित खुदरा एवं भण्डारण प्रतिष्ठान; कोल्ड स्टोरेज एवं वेयर हाउसिंग सेवाएँ; निजी सुरक्षा सेवाएँ; वित्तीय सेवाएं; ठेला पर फल एवं सब्जी की घूम-घूम कर बिक्री – इससे मुक्त रहेंगे.

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दुकानों/प्रतिष्ठानों का संचालन निम्नलिखित शर्तों के साथ किया जाएगा: दुकानों/प्रतिष्ठानों में सभी के लिए हमेशा मास्क पहनना अनिवार्य होगा. दुकानों/प्रतिष्ठानों के काउंटर पर दुकानदार द्वारा कर्मियों एवं आगंतुकों के उपयोग हेतु सैनिटाईजर की व्यवस्था अनिवार्य रूप से की जाएगी. दुकान एवं प्रतिष्ठान परिसर में सोशल डिस्टेंसिंग मानकों (2 गज की दूरी) का अनुपालन किया जाएगा, जिसके लिए सफेद वृत चिन्हित किए जाएंगे. उपर्युक्त शर्तों का पालन नहीं किए जाने पर जिला प्रशासन द्वारा अग्रेतर कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

सभी विद्यालय/महाविद्यालय, शिक्षण/प्रशिक्षण/कोचिंग संस्थान (उनके छात्रावास सहित) बन्द रहेंगे, परन्तु उनके कार्यालय 50 प्रतिशत उपस्थिति के साथ खोले जा सकेंगे तथा ऑनलाइन शिक्षण कार्य संचालित किए जा सकेंगे. केन्द्र तथा राज्य के आयोग द्वारा आयोजित नियोजन सम्बन्धी परीक्षाएँ तथा विभिन्न विद्यालय बोर्डों द्वारा आयोजित परीक्षाएँ संचालित की जा सकेंगी. अपवाद- पुलिस एवं होमगार्ड के प्रशिक्षण संस्थान तथा चिकित्सा से सम्बन्धित शिक्षण/ प्रशिक्षण संस्थान (छात्रावास सहित) खुले रहेंगे. अन्य सरकारी प्रशिक्षण संस्थानों के बन्द /संचालित किये जाने के सम्बन्ध में सम्बन्धित विभागाध्यक्ष द्वारा समुचित निर्णय लिया जा सकेगा.

सभी धार्मिक स्थल श्रद्धालुओं/आमजनों के लिए बंद रहेंगे, सभी सिनेमा हॉल, शॉपिंग मॉल, क्लब, स्विमिंग पूल, स्टेडियम, जिम, पार्क एवं उद्यान पूरी तरह बंद रहेंगे;

रेस्टोरेंट एवं खाने की दुकानों का संचालन आगंतुकों की बैठने की कुल क्षमता के अधिकतम 50% उपयोग के साथ अनुमान्य होगा. सम्बन्धित प्रतिष्ठान यह सुनिश्चित करेगा कि उनके सभी कर्मी कोविड के दोनों टीके ले चुके हों.

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विवाह समारोह अधिकतम 50 व्यक्तियों की उपस्थिति के साथ आयोजित किए सकते हैं, किन्तु इनमें डीजे एवं बारात जुलूस की इजाजत नहीं होगी. विवाह की पूर्व सूचना स्थानीय थाने को कम-से-कम 03 दिन पूर्व देनी होगी. अंतिम संस्कार/ श्राद्ध कार्यक्रम के लिए भी 50 व्यक्तियों की अधिसीमा रहेगी.

सार्वजनिक परिवहन में निर्धारित बैठने की क्षमता के 100% के उपयोग की अनुमति रहेगी. परिवहन विभाग सुनिश्चित करेगा कि सार्वजनिक वाहनों में overcrowding नहीं हो. सभी यात्रियों के लिए मास्क पहनना अनिवार्य होगा.

निजी वाहनों में तथा सार्वजनिक स्थानों एवं मार्गों पर पैदल चलने वालों के लिए हमेशा मास्क पहनना अनिवार्य होगा.

सभी प्रकार के सार्वजनिक एवं निजी प्रकार के सामाजिक/राजनीतिक/मनोरंजन / खेल-कूद/शैक्षणिक/सांस्कृतिक एवं धार्मिक आयोजन 50% क्षमता एवं अधिकतम 50 व्यक्तियों की अधिसीमा (जो भी कम हो) तथा कोविड अनुकूल व्यवहार एवं अद्यतन मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के अनिवार्य अनुपालन के साथ आयोजित किए जा सकेंगे. आयोजन के लिए जिला प्रशासन की पूर्वानुमति अनिवार्य होगी.

राज्य में रात्रि 10 बजे से प्रातः 5 बजे तक Night curfew लागू रहेगा. उक्त अवधि में निम्न अनुमान्य होंगे :

स्वास्थ्य से जुड़ी गतिविधियों में संलग्न वाहन एवं स्वास्थ्य प्रयोजनार्थ प्रयुक्त निजी वाहन; अनुमान्य कार्यों से संबंधित कार्यालयों के सरकारी वाहन, वन प्रबंधन में संलग्न वाहन; सभी प्रकार के मालवाहक वाहन; वैसे निजी वाहन जिनमें हवाई जहाज/ ट्रेन के यात्री यात्रा कर रहे हों और उनके पास टिकट हो; कर्त्तव्य पर जाने हेतु सरकारी सेवकों एवं अन्य आवश्यक अनुमान्य सेवाओं के निजी वाहन; अंतर्राज्यीय मार्गों पर अन्य राज्यों को जाने वाले निजी वाहन

सभी प्रकार के मेलों और प्रदर्शनी के आयोजन पर प्रतिबन्ध रहेगा.

जिला प्रशासन भीड़-भाड़ वाले स्थलों, यथा- सब्जी मंडी, बाजार आदि तथा सार्वजनिक वाहनों में सोशल डिस्टेंसिंग तथा मास्क पहनने आदि से सम्बन्धित कोविड अनुकूल व्यवहार एवं अद्यतन मानक संचालन प्रक्रिया (soP) का सख्त अनुपालन कराना सुनिश्चित करेगा. यदि किसी स्थान/बाजार/प्रतिष्ठान में निरंतर निर्देशों के उपरान्त भी उपर्युक्त का अनुपालन नहीं किया जा रहा हो, उन्हें रूप से बन्द करने के साथ अन्य कार्रवाई की जा सकती है.

जिला पदाधिकारी स्थानीय परिस्थितियों की समीक्षा कर उपर्युक्त प्रतिबंधों के अतिरिक्त एवं अधिक सख्त प्रतिबंध लगा सकेंगे, किन्तु किसी भी परिस्थिति में उपर्युक्त प्रतिबंधों को शिथिल नहीं किया जा सकेगा. सभी जिला पदाधिकारी उपर्युक्त कंडिकाओं में वर्णित आदेशों के अनुपालन हेतु दं०प्र०सं० की धारा 144 के अन्तर्गत निषेधाज्ञा निर्गत करेंगे.

उपरोक्त आदेशों का उल्लंघन करते हुए पाए जाने पर संबंधित के विरूद्ध आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा 51-60 एवं भा.द.वि. की धारा 188 के प्रावधानों के अंतर्गत दण्डात्मक कार्रवाई की जाएगी.