कीट ने अपनी छात्रा और ओलम्पिक क्वालीफायर का किया शानदार स्वागत

भुवनेश्वर (TBN – The Bihar Now डेस्क)| कहते हैं, आसमान पर अकेले सितारे नहीं चमकते. इसी तरह, कड़ी मेहनत और दृढ़निश्चय के कारण कुछ लोग बुलन्दियों तक पहुँच कर एक प्रतीक बनकर उभरे हैं. सी.ए. भवानी देवी भी उन्हीं खेल सितारों में से एक हैं, जिन्होंने तलवारबाजी में टोक्यो ओलंपिक 2021 में क्वालीफाई किया है.

ओलंपिक क्वालीफायर भवानी के लिए ही यह गर्व का पल नहीं है, बल्कि कीट (KIIT University) डीम्ड विश्वविद्यालय को भी भवानी के क्वालीफाई होने का गर्व है. इस यूनिवर्सिटी की एक छात्रा होने के नाते भवानी जैसे बच्चों की प्रतिभा को निखारने के लिए एक विश्वसनीय एवं अनुभवी परामर्शदाता की भांति कीट और कीस को दो नियमित लांच पैड बनने का गौरव प्राप्त हुआ है.

टोक्यो ओलंपिक 2021 में क्वालीफाई करने के बाद तमिलनाडु की रहने वाली और कीट डीम्ड विश्वविद्यालय की छात्रा, सी.ए. भवानी गुरुवार सुबह इटली से सीधे भुवनेश्वर पहुंची. वहाँ बीजू पटनायक हवाई अड्डे पर पहुंचने पर भवानी के साथ उनकी माँ और कोच का जोरदार स्वागत किया गया.

कीट डीम्ड विश्वविद्यालय परिसर में भवानी के सम्मान में एक समारोह का आयोजन किया गया. इस समारोह में कीट और कीस के संस्थापक डॉ अच्युत सामंत, इंडियन फेन्सिंग एसोसिएशन के जनरल सेक्रटरी बशीर ए. खान, ओडिशा फेन्सिंग एसोसिएशन के सेक्रेटरी देबेन्द्र साहू, जाने माने पर्यावरणविद ग्रीन मैन डॉ अब्दुल घनी, तेज धाविका दुती चांद, कीट डीम्ड विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर प्रो. हर्षिकेश मोहंती, कीट डीम्ड विश्वविद्यालय की प्रो-वाइस चां सलर प्रो. सस्मिता सामंत इत्यादि की उपस्थिति में भवानी देवी को सम्मानित किया गया.

सम्मान समारोह के अपने सम्बोधन में भवानी ने कहा, ‘यह सभी के लिए किसी गर्व से कम नहीं है कि मैं अपने सपनों के पंखो पर उड़ सकती हूँ. बचपन से ही मैं ओलम्पिक में भाग लेने का सपना देखती रही हूँ और उस सपने को पूरा करने के लिए मुझे बहुत सारे संघर्षों एवं प्रतिकूल परिस्थितियों का सामना करना पड़ा’.

बता दें कि तमिलनाडु की रहने वाली सी.ए. भवानी ने कीट में अपने नामांकन के बाद टोक्यो ओलम्पिक के लिए क्वालीफाई किया है. इस तरह की सफलता को साकार करने में वह अपने माता-पिता और कोच को सारा श्रेय देती है, जिन्होंने बचपन से ही उनका साथ दिया है.

भवानी दावा करती हैं कि उनके ओलम्पिक क्वालीफाई करने के पीछे दुती चांद उनकी प्रेरणा का स्रोत रही है. उन्होंने यह भी कहा कि दुती चांद सिर्फ मेरे लिए ही नहीं बल्कि भारत में हजारों नवोदित एथलीटों और खिलाड़ियों के लिए एक रोल मॉडल रही हैं. बता दें कि दुती चांद भी इसी संस्थान से एक सर्वश्रेष्ठ धाविका के रुप उदित हुई है.

कीट और कीस के संस्थापक डॉ अच्युत सामंत ने सी.ए. भवानी को बधाई देते हुए कहा – शिक्षा के अलावा कीट और कीस ने खेल और खिलाड़ियों को बढ़ावा देने पर जो र दिया है. वास्तव में कीट और कीस को इस बात का गर्व है कि उनके परिसर में अत्याधुनिक खेल इन्फ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध है.

उन्होंने कहा कि 5 हजार से अधिक खिलाड़ियों को पहले से ही कीट और कीस से तैयार किया जा चुका है. डॉ सामंत ने उम्मीद जताई कि दुती और भवानी निश्चित रुप से आगामी ओलम्पिक में मेडल्स जीतेंगी.

बताते चलें कि 2021 टोक्यो ओलम्पिक के लिए सी ए भवानी तलवारबाजी में क्वालीफाई करने वाली पहली भारतीय महिला बन गई है. इस सम्मान समारोह में भवानी की माँ सी. ए. रमानी, कीट के स्पोर्ट्स डायरेक्टर गगनेन्दु दाश, रजिस्ट्रार ज्ञान रंजन मोहंती और कई वरिष्ठ पदाधिकारी आदि उपस्थित थे.