रेल 268 कोचों को बना रहा है आइसोलेशन वार्ड

पटना (संदीप फिरोजाबादी की रिपोर्ट) :- रेलवे की एक तरफ से कोरोना के संकट में फंसे हुए लोगों की मदद के लिए पूर्व मध्य रेलवे के डीडीयू रेल मंडल ने बिहार के पूरे एक गांव को गोद ले लिया है. जिसके बाद गांव की देखभाल के साथ ही लोगों के लिए भोजन और कोरोना से बचाव के लिए मास्क-सेनेटाइजर भी पंहुचा रहे हैं. रेलवे ने मदद के पथ पर अग्रसर होते हुए कोरोना महामारी से निपटने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है जिसके अनुसार पूर्व मध्य रेलवे 208 के बदले 268 यात्री कोचों को आइसोलेशन वार्ड में बदलेगा. वहीं कोचों के अंदर मरीजों को उपलब्ध कराए जाने वाले बेडों ( बर्थों) की संख्या भी अब पहले से दोगुनी की जा रही है. पूर्व मध्य रेलवे ने 4 अप्रैल तक 85 कोचों को आइसोलेशन या फिर क्वारंटाइन वार्ड में बदल दिया है.

इस बारे में जानकारी देते हुए पूर्व मध्य रेलवे के सीपीआरओ राजेश कुमार ने बताया कि “पूर्व मध्य रेल द्वारा कोरोना वायरस से संक्रमित अथवा संदिग्ध मरीजों के लिए 208 कोचों को क्वारंटाइन या आइसोलेशन वार्ड के रूप में बदला जाना था तथा प्रति कोच मरीजों के लिए 8 बर्थ उपलब्ध कराने  की योजना थी, परंतु इसमें बदलाव किया गया है . अब 268 कोचों को क्वारंटाइन या आइसोलेशन वार्ड का रूप दिया जाएगा जिसमें मरीजों के लिए प्रति कोच 8 के बदले 16 बर्थ उपलब्ध होंगे . इस प्रकार कोरोना वायरस से संक्रमित अथवा संदेहास्पद मरीजों के लिए बर्थों की कुल संख्या 1664 से बढ़कर 4288 हो जाएगी”.

कोरोना जैसी महामारी के बीच आपदा में प्रभावित हुए गरीबों और जरूरतमंदों की सहायता के लिए रेलवे के द्वारा गांव को गोद लेकर लोगों की मदद और अब पूर्व मध्य रेल द्वारा 268 रेल कोचों को आइसोलेशन वार्ड के रूप में बदलने की ये पहल वास्तव में प्रशंसनीय है.