बाढ़ टीकाकरण केंद्र पर अनियमितता, उड़ी कोरोना गाइड्लाइन की धज्जियां

बाढ़ (TBN – अखिलेश्वर कु सिन्हा की रिपोर्ट)| कोरोना संक्रमण के वीभत्स फैलाव के बीच इन दिनों कोरोना टीकाकरण का कार्य पूरे जोर शोर से चल रहा है. साथ ही कोरोना संक्रमण के फैलाव को रोकने के लिए 5 मई से पूरे राज्य में लॉकडाउन लगा हुआ है.

बाढ़ अनुमंडल के अनुग्रह नारायण सिंह हाई स्कूल में टीकाकरण कैंप लगा है. यहां 18 वर्ष से अधिक लोगों को कोरोना का टीका लग रहा है. सोमवार को इस केंद्र पर टीका उपलब्ध नहीं होने के कारण 18 वर्ष से 44 वर्ष के लोगों का टीकाकरण नहीं होने की सूचना दी गई थी. लेकिन 45 वर्ष या ऊपर का टीकाकरण किया गया.

गाइड्लाइन की उड़ी धज्जियां

सोमवार को इस केंद्र पर एक ही काउन्टर से टीकाकरण की प्रक्रिया चली. सिर्फ एक काउन्टर होने के कारण यहां टीका लेने वाले मर्द एवं महिलाओं की अपार भीड़ उमड़ पड़ी थी. सरकार द्वारा जारी गाइड्लाइन की धज्जियां उड़ रही थी. लोग सोशल डिस्टेनसिंग का पालन नहीं कर रहे थे.

साथ ही, इस केंद्र की व्यवस्था को लेकर यहां आए लोगों में खासी नाराजगी दिखी. लोगों ने शिकायत की कि यहां काफी अनियमितता बरती जा रही है. कइयों ने बताया कि लाइन में घंटों खड़ा रहने के बाद भी उनका नंबर नहीं आ रहा. भारतीय वायु सेना से रिटायर्ड कर्मी विष्णु कान्त ने बताया कि वह टीका लेने के लिए दो घंटों से खड़े हैं. उन्होंने बताया कि इस टीका केंद्र पर सही व्यवस्था नहीं की गई है. भीषण गर्मी में न ही यहां पंखा की व्यवस्था है और न ही बैठने.

इस भीषण गर्मी में 10 किलोमीटर से टीका का दूसरा डोज लेने आए एक अन्य स्थानीय सूर्यमणि सिंह ने बताया कि केंद्र पर आने के बाद बताया गया कि अब उन्हें 87 दिनों के बाद दूसरा डोज मिलेगा. जबकि पहले उन्हें बताया गया था कि 28 दिन बाद दूसरा डोज लगेगा.

पत्रकार से छीना मोबाईल कैमरा

दी बिहार नाउ के बाढ़ के वरिष्ठ संवाददाता अखिलेश्वर कुमार सिन्हा सोमवार को इस केंद्र पर अपनी पत्नी को कोविड के टीके का पहला डोज दिलवाने आए थे. उन्होंने बाढ़ प्रखंड के बीडीओ को फोन कर केंद्र पर व्याप्त व्यवस्था के बारे में सूचना दी. साथ ही वहां के नजारे को अपने मोबाईल कैमरा में कैद कर लिया.

हमारे संवाददाता ने बताया कि लगभग 3 बजे जब उन्हें मालूम चला कि टीकाकरण केंद्र पर बाढ़ के एसडीएम, बाढ़ प्रखंड के बीडीओ तथा अनुमंडलीय डॉक्टर आए हैं, तो वे वहां उनका बाइट लेने उनके पास गए. हमारे संवाददाता के अनुसार जब उन्होंने एसडीएम का बाइट लेने को अपना मोबाईल कैमरा ऑन किया तो एसडीएम ने उनके हाथ से कैमरा छीन लिया. थोड़ी देर बाद संवाददाता के मांगने पर एसडीएम ने उनका मोबाईल वापस किया.

बाइट देने के पहले बाढ़ के एसडीएम ने कहा पत्रकारों से कहा कि आप लोग जिला से मान्यता नहीं है. साथ ही उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा, “आप लोग बाढ़ को बदनाम कर रहे हैं. मैं आप लोगों पर कार्यवाई कर सकता हूँ क्योंकि आप लोग जिला से मान्यता नहीं हैं”. उन्होंने कहा कि आपलोग बाढ़ का नेगटिव नहीं बल्कि पाज़िटिव न्यूज चलाइए.

बाद में एसडीएम ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि किसी मीडियाकर्मी की पत्नी को कोरोना का टीका दिलाना था और उन्होंने ही अनावश्यक रूप से न्यूज चैनल पर यह चलाया कि इस टीका केंद्र पर भीड़ बहुत ज्यादा की वजह से कुव्यवस्था व्याप्त है. एसडीएम ने कहा कि ऐसा करके हमारे इमेज को धूमिल करने का प्रयास किया गया है.

एसडीएम ने अनुरोध किया कि आपदा कि इस स्थिति में सबका सहभागी और सहयोग अनिवार्य होगा.