कोरोना संक्रमण के भय से बेखबर खाद लेने सुबह से ही लग जाती है किसानों की लाइन

बाढ़ (TBN – अखिलेश्वर सिन्हा की रिपोर्ट)| एक तरफ कोरोना के संक्रमण (Corona Pandemic) ने लोगों का हाल बुरा कर रखा है, तो दूसरी तरफ किसान खाद के लिए दर-दर भटक रहे हैं. बाढ़ में खाद की किल्लत से किसान परेशान हैं.

सुबह से लेकर दोपहर तक किसान पैक्स, व्यापार मंडल, बिस्कोमान कृषक सेवा केंद्र या अन्य खाद भंडार पर खाद लेने के लिए पहुंच जाते हैं. लेकिन इतना इंतजार करने के बाद भी उन्हें समय पर खाद नहीं मिल पा रहा है. किसान खाद के लिए इतने परेशान हैं कि उन्हें कोरोना संक्रमण का भी भय नहीं सताता है.

शनिवार को बाढ़ स्थित बिस्कोमान (Biscomaun) में 3 बजे से ही खाद के लिए पुरुष व महिला किसानों की लाइन लगी हुई थी लेकिन उन्हें खाद नहीं मिल पाया. किसानों की भीड़ भी ऐसी कि कोरोना संक्रमण के नाम से दिल भयभीत हो जाए. लेकिन किसानों को इसकी परवाह नहीं है.

कोरोना संक्रमण के भय से बेखबर मालती देवी नामक एक महिला किसान ने बताया कि वह सुबह 3 बजे से यहां अंगीठी जला कर कड़ाके की सर्दी में बैठी हुई थी. खाद के आसरे में 8 दिनों से उसने अपने खेतों में पानी नहीं पटाया था.

एक अन्य महिला किसान मंजु देवी ने बताया कि वह भी 3 बजे सुबह से ही लाइन में लगी थी. उसने कहा कि एक बार में सिर्फ एक बोर खाद दिया जाता है जबकि दुकानों में 40-40 बोरा खाद की सप्लाई की जाती है.

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मिथिलेश नामक एक किसान ने बताया कि आज वह सुबह साढ़े छह बजे से लाइन में लगे हैं. रोज-रोज आकर लौट जाते हैं लेकिन उन्हें खाद नहीं मिलता है. उसने बताया कि जब बिस्कोमान के स्टाफ से बात की जाती है तो वे सिर्फ इतना ही कहते हैं – मिलेगा, मिलेगा, कल मिलेगा, परसों मिलेगा. लेकिन कब मिलेगा, इसकी जानकारी नहीं दी जाती है.

बताते चलें, घंटो लाइन में खड़े रहकर एक बोरा खाद के लिए किसान परेशान हो रहे हैं. कइयों ने तो अपने खेतों में इसलिए सिंचाई नहीं की कि यदि सिंचाई करने के बाद खाद नहीं मिला तो सिंचाई का कोई फायदा नहीं होगा. वहीं प्राइवेट दुकानों में खाद की उपलब्धता है लेकिन वहां किसानों से अधिक दाम वसूला जाता है. इसलिए यह उनकी मजबूरी है कि वो खाद पैक्स, व्यापार मंडल, बिस्कोमान सेंटर या अन्य खाद भंडार से लें. मगर कड़ाके की सर्दी में इतनी देर खड़ा रहने के बाद भी खाद मिलेगा, इसकी कोई गारंटी नहीं है.

जानकारी के मुताबिक, विभाग पैक्स, व्यापार मंडल या अन्य खाद भंडारों में खाद की पर्याप्त सप्लाई नहीं कर पा रही है. साथ ही, बिस्कोमान भी अपने सेंटरों पर खाद की पर्याप्त उपलब्धता बरकरार नहीं रख पा रहा है. इन्हीं कारणों से किसानों को पूरे राज्य में खाद लेने में परेशानी हो रही है.