PMCH डॉक्टर निलंबित, कोविड-19 जांच में असहयोग का आरोप

head of microbiology deptt of pmch, dr santyendra narayan singh suspended

पटना (TBN रिपोर्ट) | बिहार सरकार ने पीएमसीएच माइक्रोबायोलॉजी विभाग के प्राध्यापक-सह-विभागाध्यक्ष डॉ सत्येंद्र नारायण सिंह को निलंबित कर दिया है. कोविड-19 की जांच में सहयोग नहीं करने और सरकार के नियम के खिलाफ काम करने को लेकर यह कार्यवाई की गई है.

स्वास्थ्य विभाग के द्वारा निर्गत अधिसूचना के अनुसार डॉ सत्येंद्र नारायण सिंह ने पीएमसीएच के प्रिंसिपल द्वारा मरीजों की जांच से संबंधित दिए गए निर्देशों का पालन नहीं किया.

विभाग के अनुसार, राज्य में नोबेल कोरोनावायरस के कारण The Epidemic Diseases Act,1897 लागू है तथा राज्य सरकार द्वारा इसकी रोकथाम, मरीजों की जांच एवं चिकित्सा हेतु हरसंभव उपाय किए जा रहे हैं.

विभागीय अधिसूचना के अनुसार, पीएमसीएच, पटना के माइक्रोबायोलॉजी विभाग के प्राध्यापक-सह-विभागाध्यक्ष डॉ सत्येंद्र नारायण सिंह द्वारा पीएमसीएच के प्रिंसिपल के द्वारा मरीजों की जांच से संबंधित दिए गए निर्देशों का पालन नहीं किया गया. विभाग ने इसे अनुशासनहीनता की पराकाष्ठा का द्योतक माना.

दरअसल 7 अप्रैल को विभाग एवं प्रिंसिपल द्वारा निर्देश देने के बावजूद डॉ सिंह द्वारा मात्र 3 सैंपल की जांच की गई, जबकि 113 सैंपल उपलब्ध थे. उन्हें इस संकट की घड़ी मे लैब को 24×7 चलाने का निर्देश दिया गया था, परंतु उक्त निर्देश को अनसुनी करते हुए वे लैब से निकल कर चले गए.

यही नहीं, डॉ सिंह द्वारा मीडिया में नोबेल कोरोनावायरस की जांच के संबंध में बयान दिया गया था जो स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय (Ministry of Health & Family Welfare) के नमूना संग्रहण (Sample collection) एवं जांच संबंधी दिशा-निर्देशों से अलग था. उनका यह बयान विभाग को असहज स्थिति में कर दिया था.

विभाग ने पत्रांक 58(अ०स०को०) दिनांक 07.04.2020 द्वारा डॉ सिंह से उक्त बयान से संबंधित वैज्ञानिक प्रमाण प्रस्तुत करने का आदेश दिया. लेकिन डॉ सिंह ने इसका कोई उत्तर नहीं दिया और ना ही कोई साक्ष्य प्रस्तुत किया. विभाग ने डॉ सिंह के उस बयान को आईसीएमआर (ICMR) के दिशा निर्देशों के प्रतिकूल बताया. इतना ही नहीं, डॉ सिंह द्वारा दक्षिण कोरिया के संदर्भ में दिया गया वक्तव्य को भी विभाग ने तथ्यों से परे माना.

विभाग ने इसे गैर जिम्मेदाराना बयान, अशोभनीय एवं अनप्रोफेशनल मानते हुए डॉ सत्येन्द्र नारायण सिंह को नियमों के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया.