पटना में कचरा संग्रहण की फीस अवैध : पूर्व डिप्टी मेयर

पटना (TBN – The Bihar Now डेस्क)| पटना के पूर्व डिप्टी मेयर विनय कुमार ‘पप्पू’ सहित पटना नगर निगम (PMC) के कई वार्ड पार्षदों ने व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और घरों से एकत्र किए जा रहे कचरा संग्रहण और होल्डिंग टैक्स शुल्क का विरोध किया है. इस संबंध में एक प्रस्ताव को हाल ही में नागरिक निकाय के अधिकार प्राप्त स्थायी समिति के सदस्यों द्वारा अनुमोदित किया गया था.

पटना के पूर्व डिप्टी मेयर एवं वार्ड संख्या 28 के पार्षद विनय कुमार ‘पप्पू’ ने कहा कि नगर निगम द्वारा प्रदान की जाने वाली सेवाओं जैसे स्वच्छता और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए होल्डिंग टैक्स एकत्र किया जा रहा है. उन्होंने कहा, “व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से घर-घर कचरा संग्रहण के लिए अतिरिक्त शुल्क लगाना गैरकानूनी है.”

उन्होंने कहा कि नगर निकाय और पटना के महापौर ने पिछले साल ज्यादातर समय बंद रहने के बावजूद व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से शुल्क वसूली का एक ‘व्यंग्यात्मक’ प्रस्ताव पारित किया. पूर्व डिप्टी मेयर ने कहा, “एक निजी कंपनी को सभी वाणिज्यिक संपत्ति धारकों से जबरन कचरा शुल्क लेने की छूट दी गई है. यह बिल्कुल गलत है.

कुछ भी नया या गैरकानूनी नहीं – पीएमसी आयुक्त

पूर्व डिप्टी मेयर की बातों के जवाब में पटना नगर निगम के आयुक्त हिमांशु शर्मा ने कहा कि कचरा संग्रहण शुल्क की अधिसूचना राज्य सरकार द्वारा 2018 में जारी की गई थी. लेकिन नगर निकाय ने इसे इस साल लागू किया है. उन्होंने कहा कि देश भर में, सभी नगर निकाय कचरा संग्रहण के लिए अलग से शुल्क लेते हैं. इसलिए, हम कुछ भी नया या गैरकानूनी नहीं कर रहे हैं.

उन्होंने आगे बताया कि हमने कचरा संग्रहण पर वाणिज्यिक और निजी संपत्तियों को छूट दी है और सरकार ने जो अधिसूचित किया है, पटना नगर निगम द्वारा उससे भी कम शुल्क लिया गया है.

बता दें कि पीएमसी ने वाणिज्यिक संपत्तियों के रूप में स्कूल, कॉलेज, सिनेमा हॉल, मॉल, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, पेट्रोल पंप, शोरूम, रेस्तरां और होटल शामिल किए हैं.