राजधानी में खतरे के निशान से ऊपर बह रही गंगा, हो सकता है बाढ़ का खतरा

पटना (TBN – The Bihar Now डेस्क)| राजधानी पटना में भारी बारिश के कारण गंगा नदी (Ganga river) का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है और कई घाट जलमग्न हो गए हैं.

नदी के किनारे के निचले इलाकों में पानी भर जाने के कारण, क्षेत्र के निवासियों ने स्थिति पर चिंता व्यक्त की है जो अधिक वर्षा से और खराब हो सकती है.

एक स्थानीय ने कहा, “डर है कि गंगा और अन्य नदियों का बढ़ता स्तर पटना के लिए खतरा पैदा कर सकता है. स्थिति को नियंत्रित करना बहुत मुश्किल होगा.”

बता दें, राजधानी पटना के चारों ओर 5 नदियां बहती हैं. सोमवार देर रात तक गंगा, पुनपुन, दरधा और कररुआ, इन 4 नदियों का जलस्तर लाल निशान पार कर गया. वैसे तो सोन नदी का जलस्तर भी तेजी से बढ़ रहा है लेकिन अभी यह खतरे के निशान से नीचे है.

4 नदियों के जलस्तर में बढ़ोत्तरी होने के साथ ही पटना के निचले इलाके में तेजी से पानी फैलने लगा है. प्रशासन द्वारा पानी को रोकने के लिए जरूरत वाले जगहों पर रेत से भरी बोरियां लगाई जा रही है.

बताया जा रहा है कि आने वाले दिनों में यदि इसी तरह नदियों का जलस्तर बढ़ता रहा और साथ में सोन नदी भी अपना रूप विकराल कर ले तो में भी राजधानी में भी बाढ़ का खतरनाक रूप देखने को मिल सकता है.

पुनपुन नदी का जलस्तर 24 घंटे में 2.16 मीटर बढ़ गया, जबकि दरधा नदी का जलस्तर 1.70 मीटर तक बढ़ गया. गंगा नदी पटना के गांधी घाट पर दिन में खतरे के निशान से मात्र 7 सेंटीमीटर ही नीचे था. शाम होते-होते यह खतरे के निशान पर पहुंच गया और देर रात इसे पार कर गया. इसी तरह दीघा में खतरे के निशान से 95 सेमी नीचे रह गई है. गंगा के जलस्तर में अगले 24 घंटे में 55 सेंटीमीटर और 48 घंटे में 84 सेंटीमीटर वृद्धि का अनुमान है.

कोल्हाचक, सतपरसा, गुलरियाबिगहा, रूपसपुर सहित अन्य दर्जनों इलाकों में तटबंध से ऊपर पानी बह रहा है. इससे खतरा बढ़ गया है. बाढ़ प्रभावित इलाकों में सामुदायिक रसोई चलाई जा रही है. कोल्हाचक मुसहरी के प्रभावित 40 परिवारों के बीच सोमवार से ही सामुदायिक रसोई शुरू कर दी गई है. दरधा नदी के बांध पर कई जगहों पर दबाव बना है, जिसकी मरम्मत का काम भी तेजी से चल रहा है.

मौसम विभाग ने जारी किया हुआ है पीला अलर्ट

इससे पहले शनिवार को, भारतीय मौसम विभाग (Indian Meteorological Department) ने 4 अगस्त तक बिहार के विभिन्न हिस्सों में भारी बारिश, गरज और बिजली गिरने की भविष्यवाणी करते हुए एक पीला अलर्ट जारी किया था.

भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, देश के पूर्वी हिस्सों की ओर बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने कम दबाव के क्षेत्र की आवाजाही के कारण भारी वर्षा हुई.