डबल डेकर फ्लाईओवर का हुआ शिलान्यास, अशोक राजपथ की ट्रैफिक व्यवस्था होगी स्मूथ

पटना (TBN – The Bihar Now डेस्क)| शनिवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य का दूसरा एवं पटना का पहला डबल डेकर फ्लाईओवर परियोजना का रिमोट के माध्यम से शिलान्यास किया. यह फ्लाईओवर राजधानी के गांधी मैदान स्थित कारगिल चौक से पीएमसीएच होते हुए साइंस कॉलेज तक बनेगा.

422 करोड़ की लागत से बनाई जाने वाली इस डबल डेकर फ्लाईओवर का निर्माण बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड द्वारा किया जाएगा. तीन साल में इसे बनाए जाने का लक्ष्य रखा गया है. इस फ्लाइओवर के बन जाने से आज महाजाम में रहने वाले अशोक राजपथ की ट्रैफिक व्यवस्था काफी बेहतर हो जाने की संभावना है.

पत्रकार 2005 के पहले और बाद की स्थिति से कराएं अवगत

शिलान्यास समारोह के बाद पत्रकारों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 2005 के बाद बिहार की सड़कों पर आवागमन में काफी बदलाव हुआ है. उन्होंने पत्रकारों से विशेष निवेदन किया कि वो अपने न्यूज में 2005 के पहले और बाद, दोनों समय की सड़कों की स्थिति से लोगों को अवगत कराएं. इससे उन लोगों को जवाब मिल जाएगा जो बिहार की सड़कों को लेकर सवाल करते हैं. पटना का पुराना हाल और आज का हाल देख लीजिये, आपको फर्क समझ मे आ जायेगा. सोशल मीडिया पर भी लोगो को इसकी जानकारी दे.

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2005 में हमलोगों के सरकार में आने के बाद से लोगों को काफी सुविधायें दी गयी हैं. आवागमन में काफी सुविधा हुई है, कई प्रकार के निर्माण कार्य हुए हैं और लोगों का व्यापार बढ़ा है. अशोक राजपथ पर भीड़ को देखते हुये फ्लाईओवर का निर्माण जरूरी था.

पीएमसीएच होगा देश का सबसे बड़ा अस्पताल

उन्होनें कहा कि पीएमसीएच को देश का सबसे बड़ा अस्पताल बनाया जा रहा है. पीएमसीएच की क्षमता 5400 बेड की होगी. इसको लेकर कार्य प्रारंभ हो गया है. डबल डेकर फ्लाईओवर के निर्माण से पीएमसीएच आने वालों को काफी सहूलियत होगी. इस इलाके में कई कॉलेज हैं, वहां पढ़ने वाले छात्रों को भी काफी सहूलियत होगी. अशोक राजपथ पर सड़क का चौड़ीकरण संभव नहीं था, क्योंकि जगह कम है इसलिये डबल डेकर फ्लाईओवर का निर्माण कराने की योजना बनी.

उन्होंने कहा कि यह डबल डेकर फ्लाईओवर तीन सालों में बनकर तैयार हो जायेगा. पटना में कई फ्लाईओवर और आरओबी का निर्माण कराया गया है. 15 आरओबी बनकर तैयार हो गये हैं और 5 का निर्माण कार्य जारी है. पहले कंकड़बाग और दानापुर जाने में काफी परेशानी होती थी. फ्लाईओवर के निर्माण होने से अब लोगों को आवागमन में काफी सहूलियत हुई है.