वित्त मंत्री ने पेश किया 2.3 लाख करोड़ रुपये का बजट, कोई नया कर नहीं

पटना (TBN – The Bihar Now डेस्क)| बिहार के उपमुख्यमंत्री सह वित्त मंत्री तारकिशोर प्रसाद (Bihar Deputy Chief Minister-cum-Finance Minister Tarkishore Prasad) ने सोमवार को राज्य विधानसभा में 2022-23 के लिए 2.3 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया. पिछले वित्तीय वर्ष 2021-22 में सालाना बजट के लिए सरकार ने 2.16 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए थे.

वित्त मंत्री ने इस साल बजट को छह सूत्रों में बांटा है. ये सूत्र हैं- स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि में निवेश, कृषि, ग्रामीण शहरी आधारभूत संरचना का विकास और विभिन्न वर्गों का विकास.

इससे पहले सोमवार सुबह नीतीश कुमार सरकार का दूसरा बजट विपक्ष द्वारा बाधित किया गया. विपक्ष ने अल्पसंख्यकों के बारे में एक भड़काऊ बयान पर भाजपा विधायक हरि भूषण ठाकुर बचौल (BJP MLA Hari Bhushan Thakur Bachaul) के इस्तीफे की मांग की थी.

इसके बाद सदन में वित्त मंत्री तारकिशोर प्रसाद द्वारा बजट पेश किया गया और राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पेश किया गया. लेकिन विपक्षी सदस्यों ने फिर से सदन में हंगामा शुरू कर दिया. इस पर भाजपा विधायक हरि भूषण ठाकुर बचौल ने विपक्ष को यह समझाने की कोशिश की कि उन्होंने यह टिप्पणी क्यों की थी. लेकिन इससे विपक्ष और नाराज हो गया.

कई विपक्षी विधायक बेल में घुस कर नारेबाजी करने लगे. उन्होंने मांग की कि भाजपा विधायक हरि भूषण ठाकुर बचौल के खिलाफ “निंदा प्रस्ताव” (censure motion) लाया जाए. उसके बाद विपक्ष द्वारा किए गए वाकआउट के बीच धन्यवाद प्रस्ताव पर बहस के साथ सदन की कार्यवाही आगे बढ़ी.

सोमवार को प्रसाद ने कहा कि राज्य में 2022-23 के दौरान जीडीपी विकास दर 9.8 फीसदी रहने का अनुमान है. जबकि एनएसओ (NSO) के नवीनतम घोषणा के अनुसार, भारत के वित्तीय वर्ष 22 की जीडीपी वृद्धि दर 8.9 प्रतिशत रहने की उम्मीद है.

बता दें, 25 फरवरी को 16वीं बिहार आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट (ESR) 2021-22 ने राज्य के विकास प्रदर्शन को “राष्ट्रीय औसत से बेहतर” करार दिया था.

आज पेश किए गए बजट में ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा समेत मूलभूत सुविधाओं के लिए 29,000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं. बजट 2022-23 के तहत, स्वास्थ्य के लिए 16,134 करोड़ रुपये आवंटित किए गए, जबकि वित्त वर्ष 22 में 13,264.87 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे. बिहार के वित्त मंत्री ने कहा कि बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना (Bihar Student Credit Card Scheme) पर 700 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे.

इस बजट में सबसे ज्यादा आवंटन शिक्षा के लिए 39 हजार 191 करोड़ की गई है, जबकि स्वास्थ्य के लिए 16 हजार 134 करोड़; कृषि एवं आधार भूत संरचना के लिए 29 हजार 749 करोड़; समाज कल्याण के लिए 12 हजार 375 करोड़, तथा हर घर नल का जल के लिए 1.10 हजार करोड़ का प्रावधान किया गया है.

इस नए बजट में महिलाओं और बच्चों से संबंधित कल्याण कार्यों के लिए लगभग 1,23,757 लाख रुपये, कृषि के लिए 7,712.30 करोड़ रुपये और उद्योग के लिए 1,64,374 रुपये आवंटित किए गए हैं.

अन्य हाइलाइट्स में मुख्यमंत्री स्वयं सहायता भत्ता योजना (Chief Minister’s Self-Help Allowance Scheme) के लिए 200 करोड़ रुपये, कुशल युवा कार्यक्रम (‘Kushal Yuva Program’) के लिए 225 करोड़ रुपये, स्वच्छ गांव समृद्ध गांव योजना (‘Swacch Gaaon, Samriddh Gaaon’ scheme) के लिए 847 करोड़ रुपये शामिल हैं, जिसके तहत सभी गांवों में सोलर स्ट्रीट लाइट लगाई जाएगी. साथ ही ‘स्वच्छ शहर, विकास शहर’ योजना (‘Swacch Sheher, Vikasit Sheher’ scheme) के तहत सभी जिलों में वृद्धाश्रम स्थापित किए जाएंगे.