ब्रेकिंग: मृत विधायकों की आश्रित पत्नियों को उनकी मौत के बाद भी मिल रही पेंशन

पटना (TBN – The Bihar Now डेस्क)| बिहार विधानसभा के पूर्व सदस्य और उनके आश्रितों के मृत्युपरान्त पेंशन देने के मामला में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी सामने आया है. यह मामला तब सामने आया है जब आरटीआई ऐक्टिविस्ट शिव प्रकाश राय ने बिहार विधानसभा सचिवालय से जानकारी मांगी.

आरटीआई ऐक्टिविस्ट शिव प्रकाश राय द्वारा मांगी गई जानकारी के बाद विधानसभा सचिवालय ने 13 सितंबर 2021 को जवाब दिया. इस जवाब से पता चला कि पूर्व विधायकों या उनके आश्रितों को मरने के बाद भी पेंशन राशि उनके बैंक खाते में अभी भी डाली जा रही है. आरटीआई में कई ऐसे नाम का खुलासा हुआ है, जिसमे पूर्व माननीय और आश्रितों को मरे तीन-चार साल हो गये हैं, लेकिन आज भी पेंशन जारी है.

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इस सूची में बिहार के पथ निर्माण मंत्री व भाजपा नेता नितिन नवीन की मां मीरा कुमार का भी नाम है. नितिन नवीन के पिता नवीन किशोर सिन्हा बांकीपुर (पटना) के विधायक रहे थे तथा जिनकी मृत्यु 15 साल पहले हो चुकी है. उनकी पत्नी मीरा कुमार की मृत्यु इसी साल 30 मार्च को हो गई थी. आश्चर्यजनक रूप से मरणोपरान्त भी नितिन नवीन की माँ के बैंक खाते में पेंशन राशि आई.

जब इस बावत मंत्री नितिन नवीन ने न्यूज एजेंसी को बताया कि इसकी सूचना उन्होंने SBI के श्रीकृष्णा नगर ब्रांच को मेल द्वारा 13 मई 2021 को ही भेज दिया था और उसके आलोक में बैंक ने पेंशन राशि को खाते से वापस भी ले लिया है. लेकिन आश्चर्यजनक रूप से फिर सितंबर में दी गई RTI सूचना में मीरा सिन्हा का नाम कैसे है? (देखें बैंक स्टेटमेंट)

रविशंकर प्रसाद की मां को भी मौत के बाद भी पेंशन

RTI के तहत दी गई इस जानकारी में यह भी बताया गया है कि वित्तीय वर्ष 2021-22 में पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद की मां विमला देवी को हर महीने 30 हजार 750 रुपए दिए जा रहे हैं. बता दें, विमला देवी (पति स्व. ठाकुर प्रसाद) की मौत 25 दिसंबर 2020 को हो चुकी है.

इधर रविशंकर प्रसाद ने RTI के तहत दी गई जानकारी को झूठा बताया है. उन्होंने दावा किया है कि अपनी मां के पेंशन वाले खाते को दिसंबर 2020 में ही उन्होंने बंद करा दिया था.

तेघड़ा के पूर्व विधायक की पत्नी को भी मौत के बाद मिल रहा पेंशन

तेघड़ा के पूर्व विधायक रामेश्वर सिंह के निधन के बाद आश्रित के तौर पर पेंशन ले रही उनकी पत्नी सरस्वती देवी की 25 जनवरी 2018 को ही मौत हो चुकी है, लेकिन बिहार विधानसभा सचिवालय से उन्हें अब भी पेंशन दी जा रही है.

सरस्वती देवी को मरणोपरांत प्रतिमाह 35 हजार 250 रुपए पेंशन दी जा रही है लेकिन उनके परिवार को इसकी जानकारी ही नहीं है.

बेगूसराय जिले के ही एक और पूर्व विधायक मेदनी पासवान की मौत के बाद उनकी पत्नी मंजरी देवी को पेंशन मिल रही है, जबकि मंजरी देवी की मौत 4 साल पहले हो चुकी है.

16 मई 2021 को भाजपा के नेता और पूर्व सांसद विजय सिंह यादव की हार्ट अटैक से मौत हो गई थी. 1996 में दानापुर से विधायक रहे विजय सिंह यादव को विधानसभा सचिवालय के मुताबिक अब भी 44 हजार रुपए प्रतिमाह पेंशन दी जा रही है.

उधर इस बड़े खुलासे से अनभिज्ञ बिहार विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार सिन्हा ने बताया कि वे इसकी जांच करवायेंगे. उन्होंने कहा कि गलती किस स्तर से हो रही है, उसके दोषी को बक्शा नहीं जायेगा. सिन्हा ने न्यूज एजेंसी को बताया कि पूर्व माननीय और उनके आश्रितों के मरने या जिन्दा रहने का प्रमाण या सूचना समय-समय पर प्रत्येक साल में एकबार देना होता है.

लेकिन सवाल यह उठता है कि बहुत सारे पूर्व माननीय या आश्रित की मृत्यु तीन-चार साल पहले हो चुकी है, फिर भी पेंशन मिलना अभी भी बदस्तूर जारी है. इसमें गलती किसकी है – बिहार विधानसभा सचिवालय या बैंक की, इसपर से पर्दा उठना अभी बाकी है. अब यह पर्दा जांच के बाद ही उठ सकता है, जिसकी बात विधानसभा अध्यक्ष ने की है.