बड़ा सवाल – क्या कोरोना वैक्सीन लॉन्च हो पाएगा 15 अगस्त को

नई दिल्ली (The Bihar Now – TBN डेस्क) | समूचे विश्व के साथ भारत में भी कोविड-19 का कहर थम नहीं रहा है. दिन प्रतिदिन नए मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है. वैसे कोरोना जंग जीतने वालों की संख्या भी अच्छी खासी है.

आज (सोमवार) भारत में कोरोना संक्रमण के करीब 24 हजार 248 नए मामले सामने आए हैं जबकि अभी तक करीब 19,714 लोगों की कोरोना से मौत हो चुकी है. ऐसे में एक खुशी की बात सामने आ रही थी कि मोदी सरकार आगामी 15 अगस्त को कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए एक वैक्सीन कोवैक्सीन (COVAXIN) लांच कर सकती है.

भारतीय स्वास्थ्य मंत्रालय (Health Ministry) के सूत्रों के अनुसार बताया जा रहा था कि फार्मास्यूटिकल कंपनी भारत बायोटेक ने कोरोना (Coronavirus) की वैक्सीन, कोवैक्सीन (COVAXIN) तैयार कर ली है जिसका ह्यूमन ट्रायल कल यानि 7 जुलाई से शुरू हो रहा है.

टीओआई रिपोर्ट के अनुसार, अब केंद्र सरकार के विज्ञान मंत्रालय ने इस मामले में सफाई देते हुए कहा है कि 2021 से पहले इस तरह के किसी वैक्सीन को लांच नहीं किया जा सकता है.

कोरोना वैक्सीन के बारे में विज्ञान मंत्रालय ने ये कहा

इधर केंद्र सरकार के विज्ञान मंत्रालय ने कहा है कि कोई भी वैक्सीन 2021 से पहले उपयोग के लिए उपलब्ध नहीं हो सकता है. विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय (Ministry of Science & Technology) ने रविवार को कहा कि दुनिया भर में 140 वैक्सीन तैयार हो रहे हैं. इनमें से 11 वैक्सीन ह्यूमन ट्रायल फेज में पहुंच चुके हैं. लेकिन इनमें से कोई भी vaccine 2021 से पहले उपयोग के लिए तैयार हो जाएगा, इसकी संभावना कम है.

ह्यूमन ट्रायल फेज (Human Trial Phase) तक पहुंचे 11 वैक्सीन में से 2 भारतीय

दुनिया भर में अभी तक ह्यूमन ट्रायल फेज (Human Trial Phase) तक पहुंचे 11 वैक्सीन में से दो वैक्सीन भारत द्वारा बनाए जा रहे हैं. COVAXIN के नाम से पहला वैक्सीन आईसीएमआर के सहयोग से भारत बायोटेक ने तैयार किया है. वहीं दूसरा वैक्सीन जायडस कैडिला ने विकसित किया है और उसका नाम ZyCov-D है. इन दोनों वैक्सीन को भारत सरकार ने मानव परीक्षण (Human Trial) के लिए मंजूरी दे दिया है.

इधर मंत्रालय के अनुसार भारत में छह कंपनियां कोरोना वैक्सीन पर काम कर रही हैं. पूरे विश्व में आज 11 वैक्सीन ह्यूमन ट्रायल फेज (Human Trial Phase) में पहुँच चुके हैं. इनमें से दो वैक्सीन, COVAXIN और ZyCov-D भारतीय कम्पनियों द्वारा बनाई गई हैं. लेकिन इनमें से कोई भी वैक्सीन 2021 से पहले बड़े पैमाने पर उपलब्ध होने की संभावना नहीं है.’

ICMR ने कही थी 15 अगस्त को वैक्सीन लांच होने की बात

आईसीएमआर की तरफ से कोरोना की वैक्सीन पर काम कर रही 12 संस्थानों को पत्र लिखकर फास्ट ट्रैक क्लीनिकल ट्रायल करने के लिए कहा था. इसमें कहा गया था कि संस्था स्वतंत्रता दिवस यानी 15 अगस्त को वैक्सीन लॉन्च करने के बारे में सोच रही है.

इसके बाद इस पर विवाद शुरू हो गया. इस मामले में अब आईसीएमआर ने सफाई दी है कि संस्थाओं को ऐसा इसलिए कहा गया था जिससे वे इस पर ज्यादा ध्यान देते हुए जल्द से जल्द कोरोना वैक्सीन तैयार करें.

बताते चले कि एक लेटर के जरिए ICMR के महानिदेशक डॉ बलराम भार्गव ने कहा था कि 7 जुलाई से इस वैक्सीन का ह्यूमन ट्रायल शुरू होगा. इसके बाद बिना देरी किए इस वैक्सीन को 15 अगस्त को आम जनता के लिए लांच किया जा सकेगा.

लेकिन अब ऐसी स्थिति में लगता है कि कोविड-19 से लड़ने वाली वैक्सीन, जो 15 अगस्त को लॉन्च होने वाली थी, अब शायद देर से लॉन्च हो. बताते चलें कि आईसीएमआर ने आंध्रप्रदेश, हरियाणा, नई दिल्ली, बिहार, कनार्टक, महाराष्ट्र,उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, तेलंगाना, ओडिशा और गोवा के अस्पतालों को ह्यूमन ट्रायल के रूप में चयनित किया है.

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