SSB की खुफिया खबर का असर, नेपाल में कोरोना संदिग्ध गिरफ्तार

पटना (संदीप फिरोजाबादी की रिपोर्ट) :- बिहार नेपाल बॉर्डर पर सक्रिय जाली नोटों के मास्टरमाइंड कोरोना संक्रमित लोगों को गैर कानूनी तरीके से भारत में प्रवेश दिलाने की साजिश रच रहे हैं. सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की ओर से दी गयी खुफिया जानकारी के अनुसार बिहार से सटे नेपाल की सीमा का इस्तेमाल भारत में कोरोना संक्रमित लोगों को लाने के लिए किया जा सकता है. भारत के पड़ोसी राज्य नेपाल में बैठा अपराधी जालिम मुखिया बिहार में कोरोना फैलाने की साजिश रच रहा है. कोरोना पॉजिटिव पाए गए लोगों को वह भारत में चोरी-छुपे प्रवेश कराने की फिराक में है. एसएसबी के द्वारा दी गयी इस खुफिया जानकारी के बाद नेपाल पुलिस ने जालिम मुखिया के कई ठिकानों पर छापेमारी की थी. जिसमें 24 संदिग्धों को हिरासत में लिया गया था. अब इन 24 संदिग्धों में से तीन कोरोना पॉजिटिव पाए गए है.

मिली जानकारी के अनुसार नेपाल के परसा जिले के जालिम के गांव के पास स्थिति मस्जिद में जालिम मुखिया ने भारत में कोरोना फैलाने के लिए कोरोना संक्रमित लोगों को छिपा रखा था जिसके बाद एसएसबी के द्वारा दी गयी इस खुफिया जानकारी के तहत कार्रवाई करते हुए नेपाल पुलिस ने मस्जिद पर छापेमारी की थी. जिसमें 24 संदिग्धों को हिरासत में लिया गया था, 24 संदिग्धों में से तीन कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं 

बता दें जालिम मुखिया नेपाल के परसा जिले के सेरवा थानाक्षेत्र स्थित जगरनाथ पुर गांव का रहनेवाला है. हथियार और नकली भारतीय नोटों की तस्करी में वह शामिल रहा है. इन मामलों में उसके खिलाफ चार्जशीट भी दाखिल हो चुकी है. सूत्रों के मुताबिक तबलीगी जमात का नेटवर्क नेपाल में भी है. जालिम मुखिया ने कोरोना वायरस संक्रमण को फैलाने के लिए 200 दूसरे देशों के संदिग्धों समेत 5-6 पाकिस्तान के संदिग्धों को नेपाल के रास्ते बिहार बॉर्डर में घुसाने की तैयारी में लगा था. बाहर से आए सभी लोगों को मस्जिद में रखा था. बताया जा रहा है कि जालिम मुखिया का संबंध नेपाल के कई बड़े नेताओं के साथ भी है. जालिम मुखिया यदि अपने मकसद में कामयाब हो जाता तो और कोरोना संदिग्ध बिहार में प्रवेश कर जाते तो कोरोना वायरस और तेजी से फैल सकता था.