कोविड-19 म्यूटैशन: भारत में फिर 5 नए मामले सामने आए, बिहार में भी हड़कंप

नई दिल्ली / पटना (TBN – The Bihar Now डेस्क)| स्वास्थ्य मंत्रालय ने गुरुवार को भारत में कोरोना वायरस के नये स्ट्रेन (Covid-19 Strain) संक्रमण के पांच नए मामले दर्ज किए जाने की पुष्टि की हैं, जिससे ऐसे मामलों की संख्या 25 तक पहुंच गई है. इन 5 नये मामलों में से 4 की पुष्टि नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी, पुणे (National Institute of Virology, Pune) में और 1 की पुष्टि सीएसआईआर-इंस्टीट्यूट ऑफ जीनोमिक्स एंड इंटीग्रेटिव बायोलॉजी, दिल्ली (CSIR-Institute of Genomics and Integrative Biology, Delhi) में हुई है. इन सभी संक्रमित व्यक्तियों को राज्य स्वास्थ्य सुविधाओं में अलग व आइसोलेशन में रखा गया है.

स्वास्थ्य मंत्रालय के एक अधिकारी के द्वारा मीडिया को दिए गए जानकारी के अनुसार ब्रिटेन में कोरोना वायरस के म्यूटैशन के बाद भारत में इस वायरस के कुल 25 मामलों का पता चला है. सभी 25 संक्रमित व्यक्तियों स्वास्थ्य सुविधाओं के साथ आइसोलेशन में रखे गए हैं.

भारत में बुधवार को 14 नए मामलों का पता लगा था, जिनमें से 8 का पता दिल्ली के नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल (एनसीडीसी) में, 4 नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ एंड न्यूरो-साइंसेज हॉस्पिटल (एनआईएमएचएएनएस), बेंगलुरु में और 1 – 1 का दिल्ली में इंस्टीट्यूट ऑफ जीनोमिक्स एंड इंटीग्रेटिव बायोलॉजी (IGIB) और पश्चिम बंगाल के कल्याणी में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ बायोमेडिकल जीनोमिक्स (NIBG) में पता चला था.

वहीं, मंगलवार को 6 लोगों – कर्नाटक के 3 और आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और उत्तर प्रदेश के 1 – 1 व्यक्ति, जो यूके से लौटे थे, में कोरोना वायरस के नए संस्करण (new variant) को पाया गया था.

अब ब्रिटेन में पाए गए वायरस के नए प्रकार ने दुनिया भर में व्यापक चिंता और यात्रा प्रतिबंधों को चालू कर दिया है. प्रधान मंत्री बोरिस जॉनसन और उनके वैज्ञानिक सलाहकार मंडल के अनुसार कोरोनोवायरस का यह वैरिएंट, जो 70% तक तेजी से फैल सकता है, ब्रिटेन में तेजी से फैल रहा है. उनके अनुसार, हालांकि यह वैरिएंट अधिक घातक नहीं है तथा अधिक गंभीर बीमारी पैदा नहीं करता है.

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भारतीय सरकारी आंकड़ों में कहा गया है कि 25 नवंबर से 23 दिसंबर तक विभिन्न भारतीय हवाई अड्डों पर लगभग 33,000 यात्री ब्रिटेन से आए. अधिकारियों ने इन सभी यात्रियों से संपर्क स्थापित कर गोल्ड-स्टैन्डर्ड आरटी-पीसीआर (Reverse Transcription Polymerase Chain Reaction) परीक्षण करना शुरू कर दिया है, हालांकि उन सभी को ट्रेस करने में काफी दिक्कतों का सामना करना पद रहा है क्योंकि यूके से आए इनमें सैकड़ों यात्रियों ने अपने पते अस्पष्ट और फर्जी बताया है और सैकड़ों ने अपने फोन को स्विच करके रखा हुआ है.

बिहार में हड़कंप

इधर, यूके में कोरोना के नए रुप के सामने आने के बाद बिहार राज्य में भी हड़कंप मच गया है. प्राप्त जानकारी के अनुसार नवंबर – दिसंबर में ब्रिटेन से 239 लोग बिहार आए हैं, जिनमें से पटना आए 96 लोगों में से 71 लोग अपने घरों से गायब मिले हैं. इनमें आठ पटना सिटी के हैं जबकि एक व्यक्ति के तुर्की से पटना सिटी आने की जानकारी मिल रही है.

सिविल सर्जन की टीम का उनसे संपर्क नहीं हो पाया है. बुधवार को मात्र 25 लोगों का सैंपल ही लिया जा सका, हालांकि पहले लिए गए दो सैंपल निगेटिव आए थे.

पटना के सिविल सर्जन का यह है कहना

पटना की सिविल सर्जन डॉ. विभा कुमारी सिंह के अनुसार 23 नवंबर से 21 दिसंबर के बीच यूके से आने वाले लगभग 96 लोगों का लिस्ट इनके कार्यालय को मिली थी जिसमें उनलोगों का फोन नंबर और पता दिया गया था. लेकिन इसमें कई ऐसे फोन नंबर और पता हैं जो पूरी तरह स्पष्ट नहीं है और उन नंबरों पर कॉल करने पर फोन नहीं लग रहा है. विभाग की तरफ से जब सभी 96 लोगों में से कई लोग के घर पर पहुंचा गया तो पता चला कि वे लोग वहां से कहीं और चले गए हैं. इसके बाद उनके परिजनों के माध्यम से उनको सूचना भिजवाने का प्रयास किया जा रहा है. इनको सिविल सर्जन कार्यालय में आने को कहा गया है.

सिविल सर्जन के अनुसार, ऐसे लोगों को एकत्रित करने में कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. अब एक स्वास्थ्य कर्मियों की टीम बनाई गई है जो ऐसे लोगों का पता करके उनका सैंपल लेने का प्रयास करेगी.

बहरहाल ब्रिटेन से लौटे जिन 25 लोगों का सैंपल लिया गया है उन सबों को टेस्ट के लिए आरएमआरआई (RMRI), पटना भेज दिया गया है और उन सबकी रिपोर्ट दो दिनों में आ जाएगी.

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