क्या बिहार में बनी नई महागठबंधन की सरकार असंवैधानिक है ?

पटना (TBN – वरिष्ठ पत्रकार अनुभव सिन्हा की रिपोर्ट)| बिहार में 9 अगस्त से राजनीतिक माहौल बदला हुआ है. वसंत ऋतु तो अब अगले साल आयेगी, राजनीतिक वसंत अभी पूरे राज्य भर में अपनी रंगत दिखा रहा है. लेकिन क्या यह महागठबंधन (Grand Alliance) की सरकार असंवैधानिक है ? इस मसले पर पटना उच्च न्यायालय (Patna High Court) 7 सितम्बर को अगली सुनवाई करेगा.

एक महिला याचिकाकर्ता धर्मशीला देवी ने पटना उच्च न्यायलय में महागठबंधन सरकार की संवैधानिकता को लोकहित याचिका (Public Interest Litigation) के द्वारा चुनौती दी है. मुख्य न्यायाधीश संजय करोल (Chief Justice Sanjay Karol) की अध्यक्षता वाली पीठ ने गुरुवार 25 अगस्त को इस पर सुनवाई की.

मुख्य न्यायाधीश ने याचिकाकर्ता के वकील वरुण कुमार सिन्हा (Advocate Varun Kumar Sinha) से पूछा कि क्या ऐसा कोई प्रावधान है जिसके तहत चुनाव पूर्व गठबंधन को तोड़ा जा सकता है ?

वरुण सिन्हा ने अदालत को बताया कि संविधान की धारा 163 एवं 164 के तहत राज्यपाल फागू चौहान को 10 अगस्त के दिन नीतिश कुमार को फिर से मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाने से इंकार करना चाहिए था.

यद्यपि इस याचिका पर हुई सुनवाई संक्षिप्त रही और मुख्य न्यायाधीश की पीठ ने अगली सुनवाई 7 अगस्त तय की है, अदालत के सवाल और वकील के जवाब, महागठबंधन सरकार की वैधानिकता पर उठे सवाल की गम्भीरता की ओर इशारा करते हैं. सरकार अपना पक्ष 7 अगस्त को अदालत के समक्ष रखेगी.