रेल कौशल विकास योजना के अंतर्गत 16 प्रशिक्षणार्थियों को दिया गया प्रमाण पत्र

हाजीपुर / दानापुर (TBN – The Bihar Now डेस्क)| पूर्व मध्य रेल द्वारा रेल कौशल विकास योजना के अन्तर्गत 16 युवाओं को उद्योग आधारित प्रशिक्षण देने के बाद सर्टिफिकेट (Certificate given by East Central Railway after imparting training under Rail Kaushal Vikas Yojana) दिया गया. ये सर्टिफिकेट पूर्व मध्य रेल, हाजीपुर (Central Central Railway, Hajipur) के मुख्य सिगनल इंजीनियर आर. एल. यादव द्वारा दिया गया. इस आशय की जानकारी पूर्व मध्य रेल, हाजीपुर के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी राजेश कुमार ने दी.

सोमवार को सिग्नल एवं दूरसंचार प्रशिक्षण केंद्र, दानापुर (Signal & Telecommunication Training Centre, Danapur) के प्रांगण में प्रशिक्षण अवधि खत्म होने के बाद योग्य एवं उत्तीर्ण 16 प्रशिक्षणार्थियों को प्रमाण पत्र दिया गया. 17 जनवरी से 07 फरवरी तक चले दूसरे बैच के ट्रैनिंग में युवाओं एवं युवतियों को इलेक्ट्रॉनिक्स एवं इंस्ट्रमेनटेशन ट्रेड का प्रशिक्षण (Electronics and Instrumentation trade training) दिया गया था.

इन सभी प्रशिक्षणार्थियों को कुशल एवं रोजगार के लिए सक्षम बनाने के लिए डायोड, ट्रांजिस्टर, आईसी, पावर सप्लाइ, सोल्डिंग, मल्टीमीटर, ट्रांसफार्मर के उपयोग एवं मरम्मत इत्यादि कार्य का प्रशिक्षण दिया गया.

इस अवसर पर मुख्य सिगनल इंजीनियर, पूर्व मध्य रेल, हाजीपुर एवं प्राचार्य, सिग्नल एवं दूरसंचार प्रशिक्षण केंद्र, दानापुर के द्वारा सभी प्रशिक्षुओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना की गयी. इसके साथ ही इस योजना के तहत कुल दो बैचों में अब तक कुल 27 युवाओं एवं युवितयों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए हैं.

क्या है रेल कौशल विकास योजना

बता दें, युवाओं में कौशल विकास के लिए भारतीय रेल में “रेल कौशल विकास योजना” का शुभारंभ पिछले साल 17 सितंबर को रेल, संचार एवं इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रोद्योगिकी मंत्री, भारत सरकार द्वारा किया गया था.

रेल कौशल विकास योजना आजादी के अमृत महोत्सव के 75वें साल के हिस्से के रूप में प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत् भारतीय रेल द्वारा अपनाए गए कौशल भारत मिशन का एक अभिन्न अंग है. इस पहल का मूल उद्देश्य युवाओं को विभिन्न ट्रेडों में गुणात्मक सुधार लाने के लिए प्रशिक्षण कौशल प्रदान करना है.

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यह प्रशिक्षण कौशल युवाओं की रोजगार क्षमता में सुधार और उसे उन्नत करेगा. रेल कौशल विकास योजना के अन्तर्गत भारतीय रेल के 17 जोन एवं 07 उत्पादन इकाइयों के 75 प्रशिक्षण केंद्रों में 18 कार्य दिवस में 100 घंटे का प्रशिक्षण दिया जा रहा है. इन 75 प्रशिक्षण केंद्रों के माध्यम से वर्ष 2024 तक 50 हजार युवाओं को तकनीकी प्रशिक्षण देने का लक्ष्य रखा गया है.

कौन ले सकता है प्रशिक्षण

बताते चलें, 18 से 35 आयुवर्ग के युवा जो 10वीं कक्षा पास कर चुके हैं, योग्यता के आधार पर निःशुल्क प्रशिक्षण प्राप्त कर सकते हैं. यह योजना युवाओं के रोजगार क्षमता में सुधार तथा स्वरोजगार के इच्छुक युवाओं के कौशल को उन्नत करेगा.