प्रत्याशियों को अपने ऊपर दर्ज मुकदमों को करना होगा सार्वजनिक

पटना (TBN – The Bihar Now डेस्क) | बिहार विधानसभा चुनाव के मद्देनजर चुनाव की स्वच्छता, पारदर्शिता, मर्यादा एवं गरिमा कायम रखने के लिए निर्वाचन आयोग ने राजनीतिक दलों एवं उम्मीदवारों के लिए दिशा निर्देश जारी किये हैं. इन निर्देशों के अनुसार अब आपराधिक पृष्ठभूमि के उम्मीदवारों को समाचार पत्र एवं टीवी चैनलों पर तीन बार उनके खिलाफ लंबित आपराधिक मुकदमों की सूचना प्रकाशित करनी है.

चुनाव आयोग के निर्देशानुसार आपराधिक पृष्ठभूमि वाले व्यक्ति जिस राजनीतिक दल से संबद्ध हैं, उस राजनीतिक दल को भी अपनी पार्टी के वेबसाइट पर इस आशय से संबंधित सूचना अपलोड करनी होगी. इस संबंध में उल्लेखनीय है कि उस राजनीतिक दल को संबंधित उम्मीदवार के लंबित आपराधिक मुकदमों – अपराध की प्रकृति, अध्यारोपित आरोप ,संबंधित न्यायालय, केस नंबर आदि के बारे में विस्तृत जानकारी वेबसाइट पर अपलोड करनी है. इस जानकारी को अपलोड करने का मकसद है लोकतंत्र में मतदाताओं को अपने उम्मीदवार एवं संबंधित राजनीतिक दल के बारे में सही सही जानकारी प्राप्त हो सके तथा मतदान के दौरान मतदाताओं को उचित निर्णय लेने में सहूलियत हो सके.

वैसे उम्मीदवार के बारे में संबंधित राजनीतिक दल को उनकी उम्मीदवारी के चयन संबंधी कारणों को भी स्पष्ट करना है. उन्हें बताना है कि बिना आपराधिक पृष्ठभूमि के किसी अन्य व्यक्ति का चयन उम्मीदवार के रूप में क्यों नहीं किया गया. गाइड्लाइन के अनुसार, ऐसी सूचना का प्रकाशन एक स्थानीय समाचार पत्र तथा एक राष्ट्रीय समाचार पत्र में प्रकाशित करना है. इसके अतिरिक्त उस राजनीतिक दल को अपने ऑफिशियल सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक ट्विटर आदि पर प्रसारित करनी है.

आइए अब जानते हैं कि वैसे उम्मीदवारों को उनके खिलाफ लंबित आपराधिक केसों का विवरण तीन बार कब कब प्रकाशित करनी है.
पहला प्रकाशन – अभ्यर्थिता वापसी की अंतिम तिथि के 4 दिन के भीतर,
दूसरा प्रकाशन – पांचवा से आठवां दिन,
तीसरा प्रकाशन – नौवां दिन से चुनाव प्रचार के अंतिम दिन तक.

गाइड्लाइन के अनुसार, उक्त विवरणी उस उम्मीदवार के चयन के 48 घंटे के भीतर प्रचारित करनी है किंतु नामनिर्देशन की पहली तिथि के दो सप्ताह पहले नहीं प्रचारित करनी है.

बताते चलें कि चुनाव आयोग द्वारा इस तरह के दिशा-निर्देश उच्चतम न्यायालय द्वारा प्रदत फैसला के आलोक में जारी किया गया है.