बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल को अस्पताल से मिली छुट्टी, लौटे घर

पटना (TBN – The Bihar Now डेस्क)| बीजेपी सांसद व बिहार बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल को शनिवार शाम अस्पताल से छुट्टी मिल गई. वे देर शाम अपने घर वापस आ गए. वे सीमेंस जॉनसन सिंड्रोम (Siemens Johnson Syndrome) से ग्रसित होने के बाद लगभग 8 दिनों से पटना एम्स में भर्ती थे.

अस्पताल से डिस्चार्ज होने की सूचना उन्होंने खुद सोशल मीडिया पर दी है. अपने फ़ेसबुक वाल पर उन्होंने लिखा, “आप सबों की शुभकामनाओं के बदौलत आज अस्पताल से छुट्टी लेकर सीधे घर आकर आ गया हूं. एक हफ्ते में बिल्कुल स्वस्थ हो जाऊंगा. अपने सभी शुभचिंतकों को बहुत-बहुत आभार. वरना ऐसी बीमारी से इतनी जल्दी शायद ही कोई अस्पताल से छुट्टी पा पाता है”.

बता दें कि बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल एक गंभीर बीमारी से ग्रसित हो गए थे. इस बीमारी का नाम सीमेंस जॉनसन सिंड्रोम (Siemens Johnson Syndrome) है. इस बीमारी में शरीर खुद ही अपने खिलाफ काम करता है और पूरे शरीर में चर्म रोग उभर आता है. इससे शरीर में सूजन और सकफ्फिंग होने लगता है.

गुरुवार को फ़ेसबुक लाइव के माध्यम से संजय जायसवाल ने बताया था कि वे एम्स, पटना में भर्ती हैं. उन्होंने बताया था कि उनके कोलकाता प्रवास के दौरान ही 25 अगस्त को बुखार होने से उनकी तबीयत खराब हो गई थी. बाद में पता चला था कि वे सीमेंस जॉनसन सिंड्रोम (Siemens Johnson Syndrome) नामक बीमारी से ग्रसित हो गए थे.

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उन्होंने लोगों से न मिलने की अपील भी की थी ताकि उन्हें किसी तरह का इन्फेक्शन न लगे और वे जल्द स्वस्थ हो सकें. उन्होंने बताया था कि उनके शरीर का पूरा स्किन (skin) एक्सपोज है जिस कारण लोगों से मिलने पर इन्फेक्शन लगने की संभावना है और यह उनके लिए खतरनाक हो सकता है.

शुक्रवार को उन्होंने फ़ेसबुक पर लिखा था – “ईश्वर के आशीर्वाद और आप सभी की शुभकामनाओं के कारण मैं बिल्कुल ठीक हूँ. वैसे तो स्टीवन जॉनसन सिंड्रोम बहुत ही खतरनाक बीमारी है और मुझे यह यूरिक एसिड कि एक दवा जो मैं विगत 15 दिनों से खा रहा था उसके कारण हुआ. पर यह दवा लाखों लोगों के लेने के बावजूद पूरे देश में मुश्किल से 50 से 100 लोगों को ही होता है. इसलिए कोई सोच भी नहीं सका. पहले लगातार 104 बुखार, फिर लगा कि खसरा है पर मैं पटना एम्स आकर भर्ती हो गया और जैसे ही स्टीवन जॉनसन सिंड्रोम के तीसरे चरण के लक्षण आने शुरू हुए तुरंत चिकित्सकों को ऐहसास हो गया और सही समय पर इलाज हो गया. अभी भी मेरे चमड़े में ग्रेड वन बर्न है इसलिए किसी से मिलने पर मुझे दिक्कत हो सकती है क्योंकि मैं अभी कोई दवा नहीं खा सकता. इसलिए 10 तारीख के बाद ही आप सभी से मुलाकात होगी. ईश्वर की कृपा आप सभी पर बनी रहे इसी शुभकामना के साथ सभी को धन्यवाद“.