बिहार के IPS अधिकारी को ड्यूटी उपेक्षा के लिए किया गया ‘दंडित’

पटना (TBN – The Bihar Now डेस्क)| राज्य सरकार ने मंगलवार को अविभाजित बिहार के 23 वर्ष पुराने एक मामले में डीजी रैंक के आईपीएस अधिकारी अरविंद पांडे के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई शुरू किया. यह मामला 1997 में संदिग्ध माओवादियों द्वारा पलामू जिले के मनातू ब्लॉक के तत्कालीन बीडीओ भवनाथ झा की हत्या से संबंधित है.

राज्य के गृह विभाग द्वारा जारी एक अधिसूचना के अनुसार, आईपीएस अरविन्द पांडे के वेतन में बढ़ोतरी का लाभ पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दिया गया है. इसके अलावा, उनके वेतन में दो वेतन वृद्धि भी काटी गई है. संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) से मंजूरी मिलने के बाद IPS अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई शुरू की गई थी.

1997 में पलामू के एसपी के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान कर्तव्यहीनता के लिए पांडे के खिलाफ विभागीय कार्यवाही शुरू की गई थी. बता दें कि तत्कालीन एसपी पांडे के आदेश पर गार्ड के रूप में तैनात कुछ होमगार्ड जवानों को हटाने के बाद भवनाथ झा को माओवादी द्वारा हमले के दौरान मार दिया गया था. तब से यह मामला लंबित है.

अरविन्द पांडे का नाम राज्य पुलिस प्रमुख के पद के लिए UPSC को पूर्व में भेजे गए IPS अधिकारियों की सूची में शामिल था. उत्तर प्रदेश के मूल निवासी अरविन्द पांडे ने अपने कार्यकाल के दौरान तिरहुत रेंज के डीआईजी के रूप में ‘जहाँगीरी घण्टा’ स्थापित करने के लिए 2014 में अपने आधिकारिक निवास पर लोकप्रियता अर्जित की थी.

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