बिहार सरकार का लोगों को कोरोना का निःशुल्क टीकाकरण देने का फैसला

पटना (TBN – The Bihar Now डेस्क)| नीतीश कुमार सरकार ने राज्य में कोरोना की वैक्सीन उपलब्ध होने के पश्चात् कोरोना से बचाव हेतु पूरे राज्य में इसका निःशुल्क टीकाकरण देने का फैसला किया है.

मंगलवार को सीएम नीतीश कुमार की अध्यक्षता में शपथ ग्रहण के बाद दूसरी कैबिनेट बैठक में यह निर्णय लिया गया. नि: शुल्क कोविड टीका सरकार के सात निश्चय -2 कार्यक्रम का एक हिस्सा है. एनडीए के घटक दल बीजेपी ने भी हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनावों के प्रचार के दौरान बिहार के लिए कोविड टीका मुफ़्त में लगाने का वादा किया था.

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कैबिनेट ने सरकार के संकल्पों को सैद्धांतिक रूप से अपनी मंजूरी दे दी, जो व्यापक रूप से आधारित है और अगले पांच वर्षों में ‘सात संकल्प -2’ के रूप में क्रियान्वित किया जाना है. साथ ही, सरकार ने ‘सात संकल्प -2’ कार्यक्रम के हिस्से के रूप में अगले पांच वर्षों में राज्य में 20 लाख रोजगार के अवसर पैदा करने की योजना बनाई है.

राज्य मंत्रिमंडल ने राज्य में चिकित्सा, इंजीनियरिंग और खेल शिक्षा के लिए तीन अलग-अलग विश्वविद्यालय खोलने की योजना बनाई है. इसके अलावा कौशल विकास, उद्यमशीलता गतिविधियों में प्रशिक्षण प्रदान करने और राज्य में उद्यमशीलता संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए एक अलग कौशल विकास विभाग की स्थापना की है.

नए उद्योगों और व्यापार गतिविधियों को स्थापित करने के लिए सरकार ने प्रशिक्षित उद्यमियों को वित्तीय सहायता प्रदान करने का संकल्प लिया है. इसके लिए उम्मीदवारों को नया उद्यम अथवा व्यवसाय के लिए परियोजना लागत का 50 प्रतिशत, अधिकतम 5 लाख रुपये तक का अनुदान दिया जाएगा तथा अधिकतम 5 लाख का ऋण मात्र एक प्रतिशत ब्याज पर दिया जाएगा

इसी प्रकार, महिलाओं में उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए विशेष योजना लाई जाएगी जिसमें उनके द्वारा लगाए जा रहे उद्यमों में परियोजना लागत का 50 प्रतिशत, अधिकतम 5 लाख रूपये तक का अनुदान तथा अधिकतम 5 लाख रूपये तक ब्याज मुक्त ऋण दिया जायेगा.

सरकार ने कहा है कि पहले के सात संकल्प कार्यक्रम जारी रहेंगे. स्किल डेवलपमेंट तथा उद्यमिता पर विशेष बल देने हेतु एक अलग विभाग स्किल डेवलपमेंट एवं उद्यमिता विभाग का गठन किया जाएगा जिसमें औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) एवं पॉलीटेक्निक को समाहित किया जाएगा. उद्यमिता को बच्चों के कोर्स करिकुलम का हिस्सा बनाया जाएगा जिससे कि राज्य में उद्यमिता संस्कृति का और विकास हो सके. युवाओं को अपना व्यवसाय अथवा उद्योग लगाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा ताकि वे स्वयं उद्यमी बने तथा साथ में दूसरों को भी रोजगार दे सकें.

वैसे युवा जो आईटीआई एवं पॉलीटेक्निक में नहीं पढ़ रहे हैं और नए कौशल का प्रशिक्षण पाना चाहते हैं, उनके लिए हर जिले में कम से कम एक मेगा स्किल सेंटर खोला जाएगा. यहाँ पर लोकप्रिय एवं उपयोगी स्किल्स यथा एपरल मेकिंग, रेफरीजरेटर, एयर कंडिशनिंग, सोलर पैनल मेकेनिक, व्यूटी एवं वेलनेस ट्रेनिंग, बुजुर्गों एवं मरीजों की देखभाल के लिए केयर गीभर जैसे क्षेत्रों में अल्प अवधि का रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण दिया जाएगा जिनकी बाजार में मांग रहती है

सशक्त महिला कार्यक्रम के तहत,उच्चतर शिक्षा हेतु प्रेरित करने के लिये इन्टर उत्तीर्ण होने पर अविवाहित महिलाओं को रू0 25,000 तथा स्नातक उत्तीर्ण होने पर महिलाओं को रू0 50,000 की आर्थिक सहायता दी जाएगी. इसी कार्यक्रम के तहत, प्रशिक्षित महिला उद्यमियों को नए उद्योग खोलने और नए व्यापार गतिविधियों को शुरू करने के लिए सब्सिडी और ऋण दिया जाएगा.

सरकार ने एमएसपी (MSP) दरों पर किसानों से दालों की खरीद की व्यवस्था करने का भी फैसला किया है, जबकि राज्य के बाहर काम करने वाले कामगारों का पंचायतवार डाटावेस तैयार किया जाएगा.

सरकार ने यह भी तय किया कि 2020-25 के दौरान आत्मनिर्भर बिहार के सात निश्चय-2 के विस्तृत कार्यक्रम का गजट नोटिफिकेशन होगा. सभी विभाग विस्तृत कार्ययोजना तैयार करेंगे तथा सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त कर क्रियान्वयन प्रारंभ करेंगे.