संभल कर खरीदें ऑनलाइन दवाएं, बड़ी कंपनी भी भेजती है नकली दवाई

पटना (TBN – The Bihar Now डेस्क)| आज के आधुनिक दौर में ऑनलाइन बिक्री-खरीदारी का प्रचलन दिनों दिन बढ़ रहा है. लगभग सभी कुछ आज ऑनलाइन मौजूद हैं जिन्हें बेचा-खरीदा जा सकता है. ऑनलाइन खरीदारी के इस दौर में दवाइयां भी धड़ल्ले से बेची जा रही हैं और वो भी अच्छे डिस्काउंट पर. बड़ी-बड़ी कंपनियां, जैसे टाटा, अपोलो इत्यादि, ऑनलाइन दवाई बेचने के लिए बाजार में उतर चुकी हैं.

लेकिन इन्हीं कंपनियों के द्वारा दवाइयों की ऑनलाइन खरीदारी में अच्छा खासा डिस्काउंट का लालच देकर ग्राहकों को कभी-कभी नकली या पुरानी दवाइयां भी दे दी जा रही है.

इसी कड़ी में पटना के गर्दनीबाग क्षेत्र के एक व्यक्ति ने अपोलो 247 (Apollo 247) से कुछ दवाइयां मंगवाई जिसमें उसे एक दवाई नकली प्रतीत हो रही थी. उसने कंपनी में अपना कंप्लेन लिखाया जिसके बाद कंपनी की तरफ से उसे फोन किया गया.

पहले तो अपोलो 247 फार्मेसी की तरफ से यह बोला गया कि चूंकि यह बात देर से ध्यान में लाया गया है, इसलिये इस मामले में कुछ नहीं किया जा सकता. लेकिन फिर दवाब देने पर उसने कहा कि इस मामले को सिर्फ आपके फीडबैक के रूप में लिखा जा सकता है, कंप्लेन नहीं. साथ ही, उसने कहा कि चूंकि दवा को डेलीवेरी के वक्त ही ठीक से टेस्ट कर / देखकर बताया नहीं गया इसलिये कंप्लेन नहीं लिखा जा सकता है.

दी बिहार नाउ से बात करते हुए उस व्यक्ति ने बताया कि जिस दवा पर उसे शक है, वो पेट दर्द की दवा Drotin DS है. उन्होंने कहा कि बिना पेट दर्द के कोई भी आदमी दवा कैसे खाकर टेस्ट सकता है की वो असली या नकली है या पुराना है. जब दवा की जरूरत पड़ी तो टैबलेट निकालने पर लगा कि वो दवा नकली या काफी पुरानी है. इसपर उन्होंने अपोलो 247 फार्मेसी में कंप्लेन लिखाने की सोची.

अब बात यह उठती है कि क्या अपोलो जैसा बड़ा नाम अपने ऑनलाइन ग्राहकों को नकली दवाइयों की सप्लाई करता है ?

क्या कंप्लेन करने पर ग्राहकों से उस दवाई के बारे में ज्यादा न पूछते हुए सिर्फ उसका फीडबैक लिख लेने से मामला खत्म हो जाता है? क्या बिना कारण दवाई खाकर अपोलो को यह बताया जाएगा कि उसके द्वारा सप्लाई की गई दवा खराब है / पुरानी है / नकली है? सभी जानते हैं कि आजकल हर जगह नकली सामानों के साथ नकली दवाईयों का भी धंधा जोरों पर है. ऐसी स्थिति में अपोलो 247 फार्मेसी जैसा ऑनलाइन प्लेटफार्म बिना जांच के कैसे दवाइयां अपने ग्राहकों को बेच देती है – यह एक बड़ा सवाल है.

अंत में, भले ही ऑनलाइन दवाइयों को घर बैठे डिस्काउंट के साथ मंगवाने का प्रचलन बढ़ रहा हो, लेकिन मामला दवाइयों का है तो इसे भलींभांति देख समझ कर ही खरीदना सही रहता है. अपोलो 247 जैसा ब्रांड भी कथित रूप से नकली या पुरानी दवाइयों को अपने ऑनलाइन ग्राहकों को दे देता है, मगर शिकायत नहीं लेता है.