क्रूज शिप ड्रग मामला: आर्यन की जमानत याचिका रद्द, बॉम्बे हाईकोर्ट में की अपील

मुंबई (TBN – The Bihar Now डेस्क)| मुंबई की एक विशेष एनडीपीएस अदालत ने बुधवार को क्रूज शिप ड्रग मामले (Cruise Ship Drug Case) में अभिनेता शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान (Aryan Khan), अरबाज मर्चेंट और मुनमुन धमेचा को जमानत देने से इनकार कर दिया.

इसके बाद आर्यन खान के वकील ने सेशन कोर्ट के इस आदेश को चुनौती देते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट (Bombay High Court) का रुख किया है. अपील को तत्काल सुनवाई के लिए न्यायमूर्ति नितिन साम्ब्रे (Justice Nitin के समक्ष कल गुरुवार को पेश किया जाएगा.

आर्यन खान की ओर से अधिवक्ता सतीश मानेशिंदे के साथ वरिष्ठ अधिवक्ता अमित देसाई ने पक्ष रखा. जबकि विशेष लोक अभियोजक अद्वैत सेठना, एएम चिमालकर और अधिवक्ता श्रीराम शिरसात के साथ अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल अनिल सिंह ने नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (Narcotics Control Bureau) का प्रतिनिधित्व किया.

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उनकी जमानत याचिका को खारिज करते हुए कोर्ट ने आदेश में लिखा कि बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान की व्हाट्सएप चैट से प्रथम दृष्टया पता चलता है कि ड्रग सप्लायर्स और पेडलर्स के साथ उनकी सांठगांठ है.

कोर्ट ने अपने 18 पेज के आदेश में कहा कि यह एक अन्य आरोपी आर्यन के दोस्त अरबाज मर्चेंट के व्हाट्सएप चैट से भी इसकी पक्षति होती है.

विशेष न्यायाधीश वीवी पाटिल (Special Judge VV Patil ) ने यह भी कहा कि रिकॉर्ड पर मौजूद सामग्री से प्रथम दृष्टया पता चलता है कि आर्यन खान नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट (Narcotic Drugs and Psychotropic Substances Act ) की धारा 29 के तहत इस साजिश में शामिल था.

इस संबंध में कोर्ट ने यह पाया कि आरोपी नं 1-8 को क्रूज पर गिरफ्तार किया गया और कुछ निश्चित मात्रा में प्रतिबंधित पदार्थ पाया गया था. नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने यह रेड एक विशेष सूचना मिलने, कि क्रूज पर एक रेव पार्टी का आयोजन किया जा रहा था, के बाद किया था.

अपने आदेश में कोर्ट ने लिखा, “आगे पूछताछ के दौरान उन्होंने उन लोगों के नामों का खुलासा किया जिन्होंने उन्हें प्रतिबंधित सामग्री की आपूर्ति की थी. इस प्रकार, इन सभी तथ्यों से प्रथम दृष्टया पता चलता है कि आरोपियों ने एक-दूसरे के साथ साजिश में काम किया. इससे पता चलता है कि सभी आरोपी एक ही धागे में जुड़े हुए हैं.”

अदालत ने कहा कि साजिश एक ऐसी चीज है जिसे ट्रायल के समय साबित करने की जरूरत है. कोर्ट ने कहा, प्रथम दृष्टया इस केस के सबूत, साजिश और उकसाने की ओर इशारा करते हैं. इसलिए इस केस में धारा 29 लागू होती है.

आपको बता दें, 2 अक्टूबर की रात नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने मुंबई तट पर एक क्रूज जहाज पर छापेमारी की थी. छापेमारी के दौरान, एनसीबी ने वहां चल रही एक कथित रेव पार्टी का भंडाफोड़ किया था जहां से कोकीन, मेफेड्रोन और एक्स्टसी सहित कई दवाएं जब्त की गईं थी. उसके बाद इस रेव पार्टी में भाग लेने वाले शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान सहित आठ लोगों को 3 अक्टूबर को गिरफ्तार किया गया था.

बुधवार को जमानत याचिका पर बहस के दौरान आर्यन खान के वकील अमित देसाई ने डेढ़ घंटे तक बहस कर अपनी दलीलें पूरी की. उन्होंने अपनी दलील में कहा, “ये सभी छोटे बच्चे हैं. कई देशों में ये पदार्थ कानूनी हैं. हमको इन्हें जमानत में दंडित न करना चाहिये. हमें उनके लिए इसे और खराब नहीं करना चाहिए. कानून सुधारात्मक होना चाहिए. उन्होंने काफी कुछ सहा है, उन्होंने अपना सबक बिल्कुल सीखा है. वे ड्रग पेडलर, रैकेटियर या तस्कर नहीं हैं”.

इससे पहले आर्यन खान की जमानत याचिका पर नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने अपना जवाब दाखिल करते हुए कहा कि आरोपी साजिश में शामिल हैं. नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने आर्यन खान पर नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट, 1985 के तहत निषिद्ध प्रतिबंधित पदार्थों की अवैध “खरीद और वितरण” में शामिल होने का आरोप लगाया है.

एनसीबी का कहना था कि व्हाट्सएप चैट, चित्र आदि के रूप में प्रथम दृष्टया (prima facie) पर्याप्त सामग्री है जो यह दर्शाती है कि खान अन्य सह-आरोपियों के साथ अवैध ड्रग श्रृंखला का सक्रिय हिस्सा था.

भारत के अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ने नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के लिए मुंबई ड्रग बस्ट मामले में बहस करते हुए कहा कि अगर व्हाट्सएप चैट को बारीकी से देखा जाता है, तो अदालत निश्चित रूप से पता लगाएगी कि एजेंसी क्यों कह रही है, कि पूरे अपराध की जांच की जरूरत है. उन्होंने कहा, “किसी भी आरोपी की रिहाई से जांच में बाधा आएगी. आवेदक का तर्क है कि मेरे पास कोई प्रतिबंधित सामग्री नहीं थी. मुश्किल से 10 दिन हुए हैं, जांच जारी है.”

उन्होंने बहस करते हुए कहा कि बहुत सारे तर्क हैं और पूरा देश मादक पदार्थों की तस्करी को लेकर चिंतित है. “नशीले पदार्थों का सेवन देश में एक गंभीर समस्या है. बहुत से लोग प्रभावित होते हैं, युवा प्रभावित होते हैं. यह एक व्यक्ति द्वारा खपत का सवाल नहीं है. हम पूरे गिरोह से चिंतित हैं जो मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल हैं. हमें पता करना होगा कि इसमें कौन कैन शामिल हैं,” उन्होंने कहा.

अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ने चैट दिखाते हुए कहा, “बड़ी मात्रा में बातचीत व्यक्तिगत उपभोग के उद्देश्य से नहीं हो सकती है. कुछ और है. हमने विदेशी नागरिक का पता लगाने के लिए विदेश मंत्रालय से बात की है”.

एनसीबी सूत्रों के मुताबिक एजेंसी ने आर्यन खान से जुड़े ग्लोबल लिंक्स का पता लगाया है. ये लिंक उसके फोन पर तीन साल पहले मिले व्हाट्सएप संदेशों से जुड़े हैं. जमानत याचिका के विरोध में एनसीबी के जवाब की मुख्य बातें ये रहीं –

> आर्यन खान अरबाज मर्चेंट से ड्रग्स खरीदते थे.
> जांच के दौरान अब तक मिले सबूतों के मुताबिक आर्यन दवाओं की खरीद-फरोख्त में शामिल था.
> आरोपी नंबर 17 अचित कुमार और आरोपी नंबर 19 शिवराज हरिजन ने आर्यन और अरबाज को ड्रग्स मुहैया कराया.
आर्यन और अरबाज एक साथ समय बिताते थे, एक-दूसरे के करीब थे और यह एनडीपीएस की धारा 29 को लागू करने के लिए पर्याप्त है.
> जांच के मुताबिक, आर्यन और अरबाज एक साथ क्रूज पार्टी में गए थे, इससे साफ है कि दोनों एक ही इरादे से क्रूज पर गए थे.
> भले ही कुछ आरोपियों के पास से न या बहुत कम नशीला पदार्थ बरामद हुआ हो, लेकिन अपराध की साजिश में उनकी संलिप्तता जांच का आधार बनती है.
> आर्यन खान विदेश में कुछ ऐसे लोगों के संपर्क में था जो अवैध खरीद के लिए एक अंतर्राष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क का हिस्सा प्रतीत होते हैं और इसकी जांच चल रही है.