बिहार में मुस्लिम संगठन ने की “वारिस पठान का सिर कलम करने पर 11 लाख के इनाम” की घोषणा

मुजफ्फरपुर (संदीप फिरोजाबादी की रिपोर्ट)- गुरूवार को कर्नाटक के गुलबर्गा में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रवक्ता वारिस पठान “नागरिकता संशोधन कानून” (सीएए) और “राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर” (NRC) के विरोध में आयोजित की गयी एक सभा में शामिल हुए थे और वारिस पठान ने  सभा में मंच से भाषण के दौरान भड़काऊ बयान देते हुए कहा था कि “हमने ईंट का जवाब पत्थर से देना सीख लिया है. मगर हमको इकट्ठा होकर चलना पड़ेगा. आजादी लेनी पड़ेगी और जो चीज मांगने से नहीं मिलती है, उसको छीन लिया जाता है. हमको कहा जा रहा है कि हमने अपनी मां और बहनों को आगे भेज दिया है. हम कहते हैं कि अभी सिर्फ शेरनियां बाहर निकली हैं, तो आपके पसीने छूट गए. अगर हम सब साथ में आ गए, तो सोच लो क्या होगा. हम 15 करोड़ ही 100 करोड़ लोगों पर भारी हैं. यह बात याद रख लेना”.

भारत भर में उनके इस बयान पर जनता, राजनीतिक दल, हिन्दू एवं मुस्लिम वर्ग के लोगों ने भी विरोध जताया था. भाजपा नेता संबित पात्रा और गिरिराज सिंह ने भी वारिस पठान के इस विवादित बयान पर विरोध जताते हुए अपनी नाराजगी जाहिर कि थी. इसी क्रम में शुक्रवार को बिहार के मुजफ्फरपुर में कंपनी बाग रोड में हिंदू और मुस्लिम संगठनों ने वारिस पठान के खिलाफ जमकर विरोध  प्रदर्शन किया. वारिस  पठान के इस विवादित बयान की  मुजफ्फरपुर के एक अल्पसंख्यक सामाजिक संगठन ने कड़ी आलोचना करते हुए उनके इस बयान पर विरोध जताया और संगठन ने नाराजगी जाहिर करते हुए ऐलान कर दिया है कि  “वारिस पठान का सिर कलम करने वाले को 11 लाख रुपये का इनाम दिया जायेगा”. हक-ए-हिंदुस्तान मोर्चा नाम के सामाजिक संगठन के संयोजक तमन्ना हाशमी के अनुसार “वारिस पठान का बयान देश विरोधी है और इस तरह की बयानबाजी का हक-ए-हिंदुस्तान मोर्चा कड़ा विरोध करता है.

वारिस पठान के इस विवादित बयान पर राजनीतिक पार्टियों के हिन्दू और मुस्लिम दोनों वर्ग के नेता अपने गुस्से का इजहार कर रहे हैं.

वारिस पठान के इस विवादित बयान पर विरोध जताते हुए कांग्रेस नेता सलमान निजामी ने कहा था  “15 करोड़ मुसलमान हमेशा 100 करोड़ हिंदुओं के साथ खड़े हैं. हम एक हैं. भारत एक है. तुम 200 मिलियन भारतीय मुसलमानों के ‘ठेकेदार’ नहीं हो. महाराष्ट्र के लोग तुम्हें खारिज कर चुके हैं भारत तुम्हें और तुम्हारी नफरत भरी राजनीति को खारिज करता है”.

भाजपा के नेता संबित पात्रा ने वारिस पठान के बयान पर नाराजगी जताते हुए कहा कि “इससे साफ होता है कि उनकी नीयत में खोट है. उनको किस तरह की आजादी चाहिए? ओवैसी के हाथ में संविधान और दिल में वारिस पठान है. संबित पात्रा ने आगे कहा कि नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के विरोध में पूरे देश में जिस प्रकार की घृणा की राजनीति कुछ लोग जो कर रहे हैं उसका उदाहरण ये हैं. देश में हो रहे इस पूरे प्रदर्शन में उनका कोई तथाकथित लीडर है तो वो असदुद्दीन ओवैसी और एआईएमआईएम पार्टी है”.