वरीय अधिकारियों की टीम ने किया गंडक बराज पर बाढ़ पूर्व किए जा रहे कार्यो का निरीक्षण

वाल्मीकिनगर (TBN रिपोर्ट) | गंडक बराज का बाढ़ से पूर्व किए जा रहे कार्यो के निरीक्षण करने के लिए एसडीएम विशाल राज वाल्मीकिनगर स्थित गंडक बराज के कंट्रोल रूम पहुंचे.  उन्होंने गंडक बराज के कार्यपालक अभियंता जमील अहमद से बाढ़ पूर्व किए जा रहे कार्यों के बारे में विस्तृत  जानकारियां लीं.

कार्यपालक अभियंता जमील अहमद ने बताया कि गंडक बराज फाटक के खराब रोलर को ठीक कर लिया गया है.  लेकिन नेपाल साइड की तरफ फाटक नम्बर 23, 32 व 34 के कार्य को करने में लॉकडाउन और सीमा के सील होने की वजह से कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. इसका कारण है, एक फाटक को दुरुस्त करने में 17 से 18 घंटे लगते है और नेपाल में जाने की अनुमति बॉर्डर सील होने की वजह से नहीं है.

एसडीएम ने गंडक बराज के कंट्रोलरूम से स्वचालित फाटकों को संचालित कर के जांच की. कार्यपालक अभियंता जमील ने बताया कि नेपाल में सिर्फ एक बराजकर्मी को जाने की अनुमति है और वो भी उसके कोरोना से संक्रमित नहीं होने के सर्टिफिकेट के बाद. जबकि मुख्य पश्चिमी नहर में पानी डिस्चार्ज करने के लिए उत्तरप्रदेश सरकार से मैसेज आ रहें है.

उन्होंने बताया की नहर का 24 किलोमीटर का भाग नेपाल से होकर गुजरता है और 15 मेगावाट के सूरजपुरा हाइड्रो इलेक्ट्रिकल पॉवर स्टेशन के लिए भी पानी की जरूरत है और नेपाल में पड़ने वाले नहर की देख रेख, पानी को नहर में छोड़े जाने के बाद निगरानी करनी होती है क्योंकि नेपाल स्थित बहने वाली नहर और कंट्री साइड का लेवल बराबर है.

बता दें की बराज की क्षमता साढ़े आठ लाख क्यूसेक पर डिजाइन की गई है. उन्होंने बताया कि बराज बनने के बाद साढ़े 6 लाख क्यूसेक पानी के भाव को गंडक बराज झेल चुका है और गंडक बराज को ऑटोमैटिक व मैनुअल दोनों ही तरीके से संचालित किया जाता है.

लेकिन लॉक डाउन और सीमा सील होने की वजह से नेपाल साइड में गंडक बराज के एफ्लेक्स बांध पर चल रहे कार्यों का निरीक्षण से वंचित एसडीएम विशाल राज ने कुछ जरूरी निर्देश दिए हैं और जल संसाधन विभाग भी बाढ़ कटाव पूर्व तैयारियां पूरी करने में जुटा है.