वर्चुअल रैली के जरिये सरकार छिपा रही नाकामी

छपरा (TBN रिपोर्ट) | बिहार में भारतीय जनता पार्टी की वर्चुअल रैली को लेकर राज्य के राजनीतिक दलों में सियासी घमासान लगातार जारी है. राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने भाजपा की रैली के ऐलान के बाद से ही हमलों की शुरुआत कर दी है.

इसी क्रम में श्रीनंदन पथ पर स्थित राजद विधायक जितेन्द्र राय के आवास पर शनिवार को आयोजित संवाददाता सम्मेलन में राजद के विधायकों ने भाजपा की रैली के बारे में बोलते हुए कहा कि वर्चुअल रैली के आयोजन कर सरकार नाकामी छिपा रही है.

संवाददाता सम्मेलन में मढौरा के राजद विधायक जितेंद्र कुमार राय, तरैया विधायक मुंद्रिका प्रसाद राय तथा बिहार विधान परिषद के पूर्व उपसभापति सलीम परवेज राजद, जिलाध्यक्ष सुनील कुमार राय युवा राजद जिलाध्यक्ष मशकूर खान ने रैली की आलोचना करते हुए कहा कि वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के दौरान दूसरे राज्यों में फजीहत उठाकर जलील होकर पैदल आने वाले गरीब मजदूरों के साथ सरकार मजाक कर रही है.

सरकार के द्वारा मजदूरों को कोई रोजगार उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है और ना ही उन्हें पर्याप्त सरकारी सहायता दी जा रही है. इसके साथ ही मजदूरों को अपराधी बताकर जलील व प्रताड़ित किया जा रहा है, सरकार की इस हरकत को राजद बर्दाश्त नहीं करेगा. इसके खिलाफ राजद हर संभव कदम उठाने के लिए तैयार है और इसकी शुरुआत 7 जून को सुबह 7:07 से लेकर दिन के 1:00 बजे तक ताली पीट कर किया जायेगा.

राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेताओं ने कहा कि सरकार की विफलता से जनता त्रस्त है. आगे उन्होंने कहा कि सरकार प्रवासियों को जलील करना बंद करें और मुख्यमंत्री उनसे सार्वजनिक रूप से माफी मांगे. 

राजद नेताओं ने कहा कि एक तरफ राज्य सरकार प्रवासियों को रोजगार देने का दावा कर रही है तो, दूसरी ओर पुलिस मुख्यालय की ओर से राज्य भर के सभी थाने को पत्र भेजकर अलर्ट किया गया है कि प्रवासियों के आगमन के कारण राज्य में अपराध की घटनाएं बढ़ने की आशंका है और विधि व्यवस्था की समस्या उत्पन्न हो सकती है.

बिहार सरकार से सवाल करते हुए राजद नेताओं ने कहा कि क्या प्रवासी दूसरे राज्यों में अपराध करते थे और जब सरकार उन्हें रोजगार मुहैया करा रही है तो, वैसी स्थिति में वह गलत रास्ते पर क्यूँ जायेंगे. आपदा की इस घड़ी में सरकार गरीबों प्रवासी मजदूरों को राहत पहुंचाने के बजाय चुनावी तैयारी में लगी है.

राजद नेताओं ने कहा कि अगर सरकार के पास प्रवासी मजदूरों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए कोई रोडमैप तैयार है तो, उसे सार्वजनिक रूप से जनता को बताए किन को किस तरह का रोजगार और कब तक उपलब्ध कराया जायेगा. राजद नेताओं ने बिहार सरकार से सवाल करते हुए पूछा कि प्रवासी मजदूर ने क्वारंटाइन की तय सीमा को पूरा कर लिया. अब सरकार बताए कि उनकी जांच और संक्रमण रोकने के लिए क्या उपाय किए गये .

राजद नेताओं ने कहा कि श्रम वीरों की अपनी गरिमा है और बिहार सरकार उनकी गरिमा की धज्जियां उड़ा रही है. राज्य सरकार के आंकड़े के अनुसार 30 लाख प्रवासी बिहार आए हैं, लेकिन कितने लोगों को रोजगार मुहैया कराया गया. यह आंकड़ा भी सरकार द्वारा सार्वजनिक किया जाये.

राजद नेताओं ने प्रत्येक व्यक्ति को दस हजार रुपये  की सरकारी सहायता देने और रोजगार उपलब्ध कराने की मांग की. संवाददाता सम्मेलन के इस मौके पर प्रदेश राजद के महासचिव डॉ राजेश रंजन, राजद नेता नौशेरवान, सुरेंद्र नाथ चौधरी, दिलीप कुमार, गुड्डू यादव, प्रवक्ता हरेलाल राय आदि भी सम्मिलित हुए थे.

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