वीटीआर में एसएसबी के दो नये बीओपी के लिए साझा निरीक्षण

इंडो नेपाल सीमा पर स्थित कौलेश्वर स्थान और वाल्मीकि आश्रम के दो किमी भीतर बनेगा एसएसबी का आउटपोस्ट
स्थल चयन के लिए एसएसबी कमांडेंट राजेन्द्र भारद्वाज और डीएफओ गौरव ओझा ने किया निरीक्षण
जंगल और ज़मीन समेत वन्य प्राणियों की सुरक्षा को लेकर कवायद शुरू…
वीटीआर में एसएसबी के दो नये बीओपी के लिए साझा निरीक्षण
दो चयनित जगहों के लिए किए जा रहें हैं विचार विमर्श – गौरव ओझा डीएफओ VTR

पश्चिम चंपारण (TBN रिपोर्ट) | सूबे के इकलौते वाल्मीकि टाईगर रिजर्व (वीटीआर) में वाल्मीकिनगर वन प्रमण्डल-2 तथा गोनौली रेंज के भारतीय सीमाई क्षेत्र में दो नए प्रस्तावित जगहों के लिए वन विभाग और एसएसबी के वरीय अधिकारियों ने साझा निरीक्षण किया. निरीक्षण में एसएसबी 21वीं बटालियन के कमांडेंट राजेन्द्र भारद्वाज एवं वन प्रमण्डल-2 के डीएफओ गौरव ओझा ने एक साथ रणनीति तैयार की.

उन्होंने वीटीआर के वाल्मीकि नगर व गोनौली रेंज में पड़ने वाले पंचम नाला का पैदल निरीक्षण किया. डीएफओ गौरव ओझा ने बताया कि एसएसबी की जो प्रस्तावित रिक्वारमेंट्स है उसमें अंतर्राष्ट्रीय सीमा से सटे वीटीआर के जंगल का क्षेत्र है. यह जगह, जंगल और जंगली जानवरों के लिए सूटेबल है या नहीं, इसको देखने व समझने की कोशिश की जा रही है.

सूत्रों की माने तो वाल्मीकि आश्रम स्थित एसएसबी पोस्ट से करीब दो किलोमीटर जंगल में कवलेश्वर के समीप एसएसबी दो बीओपी के लिए जगह चयनित की प्रक्रिया कर रही है.

डीएफओ गौरव ओझा ने आगे बताया कि जंगली जानवरों के अधिवास व उसके परिवेश को ध्यान में रखते हुए जगह चयन किया जाएगा. इसके लिए एसएसबी के साथ साझा निरीक्षण चल रहा है. अभी चयनित जगह पर विचारविमर्श का दौर आगे भी जारी रहेगा

मकसद साफ़ है कि ऐतिहासिक धरोहर टाईगर रिजर्व की निगरानी के साथ साथ वन्य प्राणियों और जंगल को वन तस्करों और शिकारियों की टेढ़ी नजर से महफूज़ रखा जा सके.

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