कोइलवर: नीली क्रांति को गति देता 35 साल का यह युवा

कोइलवर / भोजपुर (आमोद कुमार – The Bihar Now रिपोर्ट) | नगर पंचायत कोइलवर के 35 साल के युवा किसान यशवंत सिंह उर्फ कुणाल पूरे जिले के मछली पालकों के लिए नजीर बन गए हैं. इन्होंने जिले में मछली पालन की आधुनिकतम तकनीक बायोफ्लॉक विधि को अपने एक सहयोगी के साथ मिलकर अपनाया है जिसमें कम खर्च, कम चारा, कम जगह और कम पानी में मछली का ज्यादा उत्पादन संभव है.

यशवंत ने प्रखण्ड के सकड्डी-जमालपुर पथ के बालक बाबा ब्रह्म के पास अपनी आठ कट्ठे जमीन पर सतरह टैंक शुरुआती तौर पर लगाए थे. अभी के समय में इन्होंने इसका विस्तृत करते हुए 23 टैंक तारपोलिन का व पांच सीमेंटेड टैंक जो 50 हजार लीटर का है, लगा लिया है व एक इंडस्ट्रीज का रूप दे दिया है. जो तृषा त्रिषण के नाम से जाना जाता है.

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व्यवसायी यशवंत सिंह बताते हैं कि एक टैंक से साल में कम से कम 12 सौ किलो मछली का उत्पादन करेंगे. टैंक में सिधी, पंगास, तिलापिया का जीरा डाला है. जीरा कोलकाता से खरीदकर मंगवाया है जिसकी चर्चा पूरे जिले में है. न्यू इंडिया मूवमेंट 2017 के अंतर्गत नीली क्रांति को गति देने के लिए इसकी शुरुआत की गई है.

बता दूं कि मत्स्य पालन विभाग के अधिकारी जिले भर के कई किसानों को लेकर इनके यहां पहुंचे हैं और उन्हें बायोफ्लॉक विधि से मत्स्य उत्पादन के तौर-तरीके दिखाकर प्रेरित किया है. मत्स्य पालन विभाग ने इस तकनीक को बढ़ावा देने के लिए किसानों के प्रशिक्षण और सब्सिडी का भी प्रावधान किया है.

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इस बाबत व्यवसायी यशवंत सिंह व उनके सहयोगी किशन सिंह ने बताया कि हमारे यहां जिला ही नही बल्कि पूरे देश के करीब-करीब राज्य से लोग आते हैं व प्रशिक्षण लेकर जाते हैं. साथ ही ये बताते हैं कि हमारे पास प्रशिक्षण के साथ-साथ उचित मूल्य पर बीज(जीरा) व फीड के साथ मछली को देखकर उसके बीमारियों को बताकर उपचार का भी व्यवस्था है. सबसे बड़ी खास बात कि इस व्यवसाय से जुड़ने वाले किसानों को सरकारी स्तर पर सहायता व अनुदान से सम्बंधित जानकारी उपलब्ध कराई जाती है. इससे हजारों किसान यहां से लाभान्वित हो रहे हैं.