तेजस्वी ने की बिहार में अल्कोहल बनाने की मांग

 पटना (संदीप फिरोजाबादी की रिपोर्ट) | बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य में शराबबंदी कानून लागू कर एक अलग ही मिसाल पेश की थी. इसी बीच एक ताज़ा खबर के अनुसार राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के सुप्रीमो एवं पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव के सुपुत्र तेजस्वी यादव ने बिहार में कोरोना वायरस के बढते खतरे को देखते हुए राज्य सरकार के सम्मुख एक नयी मांग रखते हुए बिहार में अल्कोहल बनाने पर लगी रोक को हटाने को कहा है.

राजद नेता तेजस्वी यादव ने ट्वीट कर कहा है कि “बिहार सरकार को तत्काल सूबे में बंद पड़ी अल्कोहल डिस्टीलरी को चालू करने पर विचार करना चाहिये. इन डिस्टीलरी को हैंड सेनेटाइजर बनाने वालों के साथ जोड़ दिया जाना चाहिये. इससे बिहार में ही हैंड सेनेटाइजर बनना संभव हो पायेगा. सरकार को सभी चीनी मिलों को निर्देश देना चाहिये कि वे इथाइल अल्कोहल, ENA और इथेनॉल की सप्लाई करें. इससे बिहार में बड़े पैमाने पर हैंड सेनेटाइजर बनना संभव हो पायेगा”.

बिहार में पांच अप्रैल, 2016 को शराब पर पूर्ण पाबंदी लागू कर दी गई थी जिसके बाद से बिहार में अल्कोहल बनाने वाली सारी इकाई बंद पडी हुई है. बिहार सरकार के द्वारा अल्कोहल के किसी तरह के निर्माण, व्यापार या सेवन पर रोक लगाने की वजह से यहां कोरोना वायरस के खतरे को कम करने वाले हैंड सेनेटाइजर का बनना संभव नहीं है. जबकि जानकारों के अनुसार कोरोना वायरस को नष्ट करने के लिए हैंड सेनेटाइजर में कम से कम 60 फीसदी अल्कोहल की मात्रा होना आवश्यक होता है.

ज्ञात हो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक बार एक सार्वजनिक कार्यक्रम में घोषणा करते हुए कहा था कि “यदि हम दोबारा सत्‍ता में आते हैं तो हम शराब पर पाबंदी लागू करेंगे. इसको अमलीजामा पहनाना एक जटिल कार्य था. हालांकि शासन में कोई भी अन्‍य कार्य आसान नहीं होता. लेकिन शराब पर पाबंदी का मसला इस मामले में अलग था क्‍योंकि अतीत में कोई भी इस पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाने में कामयाब नहीं हो सका. इस कारण किसी अन्‍य की तुलना में शराब लॉबी इस एक तथ्‍य से सर्वाधिक प्रसन्‍न होती रही है. मैं पब्लिक पॉलिसी के इस ट्रैक रिकॉर्ड को बदलने के लिए कटिबद्ध हूं” नीतीश कुमार के विचारों से ये साफ़ हो जाता है कि वे बिहार में शराबबंदी को लेकर किसी भी तरह का समझौता करने के लिए तैयार नहीं होंगे.

तेजस्वी यादव की बिहार में अल्कोहल बनाने पर लगी रोक को हटाने की मांग का नीतीश की सरकार के द्वारा क्या जवाब आता है और बिहार में अल्कोहल निर्माण के विचार पर सरकार की क्या प्रतिक्रिया होगी ये तो वक़्त ही बताएगा.