सुशांत सिंह राजपूत मामले में तेजस्वी और चिराग एक साथ, निशाने पर नीतीश

Patna (TBN – The Bihar Now डेस्क) | सुशांत सिंह राजपूत मामले को लेकर अब बिहार में सियासत तेज हो गई है. एलजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर सबसे पहले हमला बोला और इस मामले में उनकी ‘खामोशी’ पर कई सवाल खड़े किये. चिराग पासवान यहीं नहीं रूके. उनकी तरफ से बिहार में बाढ़ और कोरोना के ‘बदतर’ हालात को लेकर भी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर जमकर हमला बोला. गौरतलब है कि चिराग पासवान पिछले कई महीने से लगातार नीतीश सरकार के काम-काज को लेकर हमलावर होते रहे हैं. चिराग ने एक बार फिर सुशांत सिंह राजपूत की मौत मामले में नितीश कुमार को आड़े हाथ लिया है. हालांकि, उन्होंने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से फोन पर बात कर इस पूरे मामले में सीबीआई जांच की मांग भी की है.

चिराग के हमले के अगले ही दिन बिहार में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी मुख्यमंत्री के खिलाफ मोर्चा खोल दिया. जब अपने ‘सहयोगी’ चिराग की तरफ से इतना बड़ा हमला हुआ तो फिर ‘विरोधी’ तेजस्वी कहां से चुप रहने वाले थे. तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से सवाल किया कि अब तक उन्होंने सुशांत सिंह राजपूत के परिजनों से मुलाकात क्यों नहीं की ? इसके अलावा महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से बात कर सीबीआई जांच की मांग नहीं करने पर भी तेजस्वी ने नीतीश कुमार पर सवाल उठाए. तेजस्वी ने एक बार फिर से बिहार के राजगीर में बन रहे फिल्म सिटी का नाम सुशांत सिंह राजपूत के नाम पर नहीं किए जाने को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर धावा बोला.

तेजस्वी यादव से पहले चिराग पासवान ने भी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से बात करने का आग्रह किया था. लेकिन, चिराग का कहना है कि उस पत्र पर कोई संज्ञान नहीं लिया गया. इसके बाद चिराग पासवान अब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर हमलावर हो गए हैं. बिहार की सियासत के दो युवा चेहरे चिराग पासवान और तेजस्वी यादव के सुर पहले भी मिलते रहे हैं. बिहार विधानसभा चुनाव के समय को लेकर भी दोनों की राय अलग नहीं है. चिराग और तेजस्वी कोरोना काल में लोगों के स्वास्थ्य को सियासत से उपर रखने के पक्ष में हैं.

चुनाव से पहले सियासत

चिराग और तेजस्वी के सुशांत सिंह राजपूत मामले में नीतीश कुमार पर हमले ने जेडीयू की बेचैनी बढ़ा दी है. एनडीए में शामिल जेडीयू की सहयोगी एलजेपी की तरफ से किए गए हमले ने जेडीयू को परेशान कर दिया है. पार्टी की तरफ से सीबीआई जांच की मांग का समर्थन तो किया गया है लेकिन, सुशांत के परिवार वालों की मांग के आधार पर. जेडीयू के प्रधान महासचिव के सी त्यागी ने इस मुद्दे पर नीतीश कुमार का बचाव करते हुए कहा कि नीतीश कुमार बिहार के पहले नेता थे, जिन्होंने सुशांत के मसले पर अपनी संवेदना प्रकट की. उन्होंने सुशांत की मौत को पूरे बिहार के लिए क्षति बताते हुए इस मसले पर सियासत से बचने की सलाह दी.

बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले बाढ़ से लेकर कोरोना तक और अब सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले पर भी सियासत होनी तय थी और सियासत हो भी रही है. लेकिन, इन मुद्दों पर तेजस्वी के साथ-साथ चिराग के तेवर ने सत्ताधारी जेडीयू की नींद उड़ा दी है.

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