“भाजपा की बी-टीम की तरह काम कर रही AIMIM, वारिस पठान को करो गिरफ्तार”

पटना (संदीप फिरोजाबादी की रिपोर्ट)-  AIMIM नेता वारिस पठान के विवादित बयान पर सियासत में हलचल का माहौल हो गया है. सभी राजनीतिक पार्टियां उनके इस बयान की कड़ी निंदा कर रहीं हैं. बिहार में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव ने वारिस पठान के बयान पर कड़ी आपत्ति जताई है और उनको गिरफ्तार करने की मांग करते हुए कहा है कि “वारिस पठान की गिरफ्तारी होनी चाहिए”. तेजस्वी यादव ने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि “AIMIM भाजपा की बी-टीम की तरह काम कर रही है”.

राजनीति करने के लिए नए नए मुद्दे खोजने की कोशिश में लगे रहने वाले इस भड़काऊ भाषण पर भी राजनीति करने का कोई मौका नहीं छोड़ना चाहते हैं. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने हाल ही में एक बयान दिया था और कहा था कि “1947 में मुसलमान अगर पाकिस्तान चले जाते तो आज इतना विवाद कभी ना होता”

गिरिराज सिंह के इस तरह के बयान पर कांग्रेस नेता गौरव गोगोई ने गिरिराज सिंह की तुलना वारिस पठान से करते हुए कहा है कि “मुझे वारिस पठान और गिरिराज सिंह में कोई अंतर नहीं दिखता है. वो एक ही सिक्के के दो अलग-अलग पहलू हैं. चर्चा में रहने के लिए इन दोनों को एक-दूसरे की जरूरत है”.

विरोध प्रदर्शन और देश विरोधी आरोपों से बचने के लिए वारिस पठान ने अपनी सफाई पेश करते हुए कहा है कि “मैं बताना चाहता हूं कि पांच दिन पहले गुलबर्गा में जनसभा में दिए गए मेरे बयान को मीडिया गलत तरीके से चला रहा है. मैं फिर से दोहराना चाहता हूं कि मैं जानबूझकर या अंजाने में कुछ भी ऐसा नहीं कह सकता हूं, जिससे किसी जाति, समुदाय या लिंग की भावना आहत होती हो. मुझे भारतीय होने पर गर्व है और मैं इस देश की बहुलता का सम्मान करता हूं. हालांकि मैं भी उन दूसरे भारतीय की तरह गुस्से में हूं, जो इस देश के संविधान में विश्वास करते हैं”. आगे वारिस पठान ने कहा कि  “सीएए, एनआरसी और एनपीए के खिलाफ देशभर में लोग लोकतांत्रिक तरीके से विरोध कर रहे हैं, लेकिन सरकार इस मसले को सुलझाने में उपेक्षा कर रही है. मैं और मेरी पार्टी किसी भी ऐसी चीज का समर्थन नहीं करते हैं, जो जाति और धर्म के आधार पर लोगों को बांटती हो”.’ अभी तक वारिस पठान की तरफ से उनके इस विवादित बयान पर किसी भी तरह के माफीनामे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गयी.