बाढ़: सफाई कर्मचारियों की हड़ताल से शहर में जीना हुआ दूभर

बाढ़ (अखिलेश कु सिन्हा – The Bihar Now रिपोर्ट)| बाढ़ नगर परिषद में लगभग 23 दिनों से चल रही सफाई कर्मचारियों की हड़ताल अभी भी जारी है. इस हड़ताल के कारण अभी वार्डों में रोड सहित चारों ओर कचरा/गंदगी का अंबार लग गया है जिससे स्थानीय लोगों का जीना दूभर हो गया है.

बता दें कि हड़ताली पर गए सफाई कर्मी 3 माह के अपने बकाये वेतन के भुगतान की मांग को लेकर हड़ताल पर चले गए हैं. उनकी मांग यह भी है कि उन्हें अंतरिम वेतन भी दी जाए. अब इस हड़ताल से पूरे शहर में सफाई-व्यवस्था की बड़ी समस्या खड़ी हो गई है.

हड़ताल पर गए कर्मियों का कहना है कि पिछली बार जब वे हड़ताल पर गए थे, तो उस वक्त यहां के विधायक के साथ सभी उच्च अधिकारियों ने लिखित आश्वासन दिया था कि उनका वेतन का भुगतान समय पर हो जाया करेगा. कर्मियों के मुताबिक, अभी भी उनका वेतन समय पर नहीं मिलता है.

सफाई कर्मचारियों के हड़ताल को अपना समर्थन देने बाढ़ पहुंचे राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष उमेश भगत ने दी बिहार नाउ (The Bihar Now) से बातचीत में बताया कि जो कर्मी पिछले 20 सालों से कार्य कर रहे हैं उन्हें आज तक स्थाई नहीं किया गया है. भगत ने कहा कि कर्मियों को समय पर वेतन नहीं मिलना, मजदूरी सही नहीं देना, ड्रेस नहीं मिलना, सुरक्षा उपकरण नहीं देना आदि कर्मियों की मुख्य शिकायतें हैं. जब उनसे पूछा गया कि प्रशासन की तरफ से कर्मियों को न्यूनतम मजदूरी से ज्यादा का भुगतान किया जाता है, तो इस पर भगत ने कहा कि ऐसे कर्मी कुशल कर्मी होते हैं. उन्होंने प्रशासन से पूछा कि यदि ऐसे कर्मियों को कुशल कर्मियों के लिए फिक्स्ट मजदूरी का भुगतान किया जाता है तो प्रशासन इसका रजिस्टर दिखाए.

हड़ताली सफाई कर्मियों ने कहा है कि इस बार जब तक उनके वेतन से संबंधित समस्या का स्थाई समाधान नहीं होगा, तब तक शहर में सफाई व्यवस्था शुरू नहीं की जाएगी. इधर हड़तालियों द्वारा नगर परिषद के प्रवेश द्वार पर मरे पशु को रखकर अपना विरोध प्रदर्शन किया.

इधर नगर परिषद के चेयरमैन राजीव कुमार “चुन्ना” एवं नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी ने कहा है कि सफाई कर्मचारियों को नवंबर तक का तनख्वाह दे दिया गया है, लेकिन सफाई कर्मचारी कह रहे हैं कि उनका पीएफ और यूनिफॉर्म नहीं मिल रहा है. साथ ही उनका कहना है कि उन्हें स्थाई भी नहीं किया जा रहा है.

अब देखना यह है कि प्रशासन की ओर से इस लंबे चल रहे हड़ताल को खत्म करने की कोशिश कब होगी. साथ ही, शहर में फैले कचरा तथा उससे उत्पन्न परेशानियों से लोगों को कब तक त्राण मिल पाता है.