इन्हे कर्पूरी जयंती मनाने का अधिकार नहीं – सुशील मोदी

भाजपा कार्यालय परिसर,पटना में आयोजित कर्पूरी जयंती समारोह को सम्बोधित करते सुशील मोदी

पटना (TBN रिपोर्टर) | गुरुवार को बिहार प्रदेश भाजपा कार्यालय में जननायक कर्पूरी ठाकुर की 96 वीं जयंती समारोह मनाई गई. यहाँ आयोजित सभा को सम्बोधित करते हुए बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने भारत सरकार से स्व. कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न की उपाधि से नवाजे जाने की मांग की. उन्होंने कहा कि बाद के दिनों में अतिपिछड़ों की सूची में करीब दो दर्जन नई जातियों को जोड़ा गया है, इसलिए आने वाले दिनों में पंचायत में अति पिछड़ों के कोटा को बढ़ाने पर विचार किया जा सकता है.
पिछड़ों को धोखा देने वालों को कर्पूरी जयंती मनाने का अधिकार नहीं
सभा में मोदी ने कहा कि पिछड़ों-अतिपिछड़ों को घोखा देने वाले राजद को कर्पूरी जयंती मनाने का अधिकार नहीं है. पिछड़ों के नाम पर राजनीति करने वाले राजद एवं कांग्रेस ने हमेशा पिछड़ों को धोखा दिया है. 1952 में गठित काका कालेलकर कमिटी की रिपोर्ट 1953 में आ गई थी मगर कांग्रेस को उसे लागू करने की हिम्मत नहीं हुई थी. इसी प्रकार जनसंघ के सहयोग से 1977 में बनी मोरारजी की सरकार ने मंडल कमीशन का गठन किया मगर 10 वर्षों तक कांग्रेस उसकी रिपोर्ट को लागू नहीं कर पाई.
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि जननायक कर्पूरी ठाकुर की सरकार ने सरकारी नौकरियों में पिछड़ों को आरक्षण दिया जिसमें जनसंघ के कैलाशपति मिश्र भी शामिल थे. मंडल कमीशन की रिपोर्ट भी भाजपा के समर्थन से चलने वाली बी पी सिंह की सरकार ने लागू की. बिहार में जब 2005 में एनडीए की सरकार बनी तब जाकर स्थानीय निकायों में अति पिछड़ों को 20 प्रतिशत आरक्षण दिया गया. इसी का नतीजा है कि आज अतिपिछड़ा समाज के 1600 से ज्यादा मुखिया चुने गए हैं. राजद-कांग्रेस ने तो 2003 में आरक्षण का प्रावधान किए बिना 27 वर्षों के बाद हुए पंचायत चुनाव में पिछड़ों की हकमारी की.
बिहार की जनता उन्हें कभी माफ नहीं करेगी
सुशील मोदी ने आगे कहा कि भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा सवर्ण गरीबों को 10 प्रतिशत आरक्षण देने का विरोध करने वाला राजद ने कर्पूरी ठाकुर द्वारा ऊंची जाति के गरीबों को दिए गए 3 प्रतिशत आरक्षण को सत्ता में आने के बाद खत्म कर दिया था. बिहार की जनता उन्हें कभी माफ नहीं करेगी. मोदी ने बताया कि पिछले विधान सभा चुनाव में भाजपा ने सर्वाधिक 25 अतिपिछड़ों को टिकट दिया था जिसमें से 12 जीत गए थे. राजद-कांग्रेस ने मात्र 5 को टिकट दिया था जिनमें से 3 जीते थे. लोकसभा में एनडीए के 7 सांसद अतिपिछड़ा वर्ग से हैं. मोदी ने कहा कि भाजपा अतिपिछड़ों की हमेशा से हितैषी रही है.