शहीद स्मारक में शहीद एसपी सहित शहीद सिपाहियों की प्रतिमाओं का हुआ उद्घाटन

मुंगेर (अभिषेक कुमार सिन्हा – the bihar now रिपोर्ट) | मुंगेर जिला में शहीद स्मारक का निर्माण किया गया है जिसमें तत्कालीन पुलिस अधीक्षक केसी सुरेंद्र बाबू सहित पांच सिपाहियों की प्रतिमाएं भी स्थापित की गई हैं. यह स्मारक जिला के हवेली खड़गपुर थाना में बनाया गया है.

गौरतलब है कि तत्कालीन पुलिस अधीक्षक केसी सुरेंद्र बाबू ने पांच सिपाहियों सहित एक बारूदी सुरंग विस्फोट की घटना में अपने प्राणों का बलिदान दिया था. इन सिपाहियों के नाम हैं – सिपाही ध्रुव ठाकुर, सिपाही ओम प्रकाश गुप्ता, सिपाही शिव कुमार राम, सिपाही मोहम्मद इस्लाम तथा सिपाही मोहम्मद कलाम. इस स्मारक का अनावरण 15 अगस्त 2020 को मुंगेर एसपी लिपि सिंह द्वारा किया गया.

याद दिला दें कि इस बारूदी सुरंग विस्फोट की घटना को प्रतिबंधित माओवादी संगठन ने अंजाम दिया था. इसमें भीम बांध से सोनरवा गांव होते हुए एसपी केसी सुरेंद्र बाबू पुलिस बल के साथ जिला मुख्यालय लौट रहे थे. इनकी जिप्सी को भीम बांध से मुंगेर के रास्ते में ही सोनरवा गांव के पास बारूदी सुरंग विस्फोट से उड़ा दिया गया था.

उसके बाद हवेली खड़गपुर थाना परिसर में शहीद पुलिस अधीक्षक की प्रतिमा तो स्थापित की गई लेकिन उनकी याद में शहीद स्मारक नहीं बनाया गया था. मुंगेर एसपी लिपि सिंह की पहल पर यहां शहीद स्मारक बनाया गया. इस स्मारक में शहीद एसपी के अलावा पांच सिपाहियों की प्रतिमा का भी अनावरण 15 अगस्त को किया गया. इस समारोह का आयोजन हवेली खड़गपुर थाना अध्यक्ष मिंटू कुमार सिंह द्वारा किया गया.

मुंगेर एसपी लिपि सिंह

शहीद सिपाहियों को दिलाया सम्मान

बारूदी सुरंग विस्फोट की घटना में अपने प्राणों की आहुति देने वाले पांच सिपाहियों के बलिदान को मुंगेर एसपी लिपि सिंह ने सम्मान दिलाया है. विदित है, इस घटना में अपने प्राणों का बलिदान देने वाले पुलिस अधीक्षक केसी सुरेंद्र बाबू की प्रतिमा स्थापित की गई थी लेकिन शहीद सिपाहियों की प्रतिमा स्थापित नहीं की गई थी. इस वर्ष फ़रवरी में हवेली खड़गपुर थाना के दौरा करने के दौरान शहीद सिपाहियों की प्रतिमा स्थापित नहीं होने पर चिंता जताई थी. उनके निर्देश पर हवेली खड़गपुर थानाध्यक्ष द्वारा तत्परता से कदम उठाते हुए इन पाँच सिपाहियों की प्रतिमा स्थापित कराई गई.

शहादत का सम्मान जरूरी

इस अवसर पर मुंगेर की एसपी लिपि सिंह ने कहा कि कर्तव्य के दौरान अपने प्राणों की आहुति देने से पुलिस परिवार के लोग पीछे नहीं हटते. उन्होंने कहा कि सबसे बड़ा बलिदान शहादत देना है और इसके बलिदान से भी पुलिस के लोग पीछे नहीं हटते हैं. उन्होंने कहा कि शहादत का सम्मान बेहद जरूरी है और इसी कड़ी में शहीद स्मारक का निर्माण और पांच सिपाहियों की प्रतिमा स्थापित की गई है.

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