पिकअप पर लदे प्रवासी मजदूर | सोशल डिसटेन्सिंग का पालन नहीं

tbn social distancing being not maintained in bagaha
लॉकडाउन केरल से बिहार वापस लौटते मजदूर

बगहा (TBN रिपोर्ट) | लॉकडाउन 3.0 (Lockdown 3.0) में वैश्विक महामारी कोविड 19 (COVID-19 pandemic) के बढ़ते संक्रमण को लेकर एक तरफ सरकार द्वारा सोशल डिस्टेंसिंग (social distancing) का ख्याल रखा जा रहा है तो वहीं अधिकारी इसका पालन कराना और करना मुनासिब नही समझ रहे हैं.

ताजा मामला पश्चिमी चंपारण जिला के बगहा से आया है जहां अन्य प्रदेशों से वापस बिहार लौट रहे प्रवासी मजदूरों को बिना सोशल डिस्टेंसिंग का ख्याल रखते हुए भेड़ बकरियों की तरह पिकअप और ट्रैक्टर ट्राली मे लाद कर क्वारंटाइन सेंटर ले जाया जा रहा था. आश्चर्यजनक रूप से यह सब बगहा के बीडीओ शशिभूषण सुमन की मौजूदगी मे हो रहा था.

हद तो तब हो गई जब इस बारे में उनसे सवाल पूछा गया तो, बगहा के बीडीओ शशिभूषण सुमन ने सोशल डिस्टेंसिंग मेंटेन करने के और साफ-सफाई का दलील देते हुए मीडिया कर्मियों को सोशल डिस्टेंसिंग का पाठ पढ़ाने लगे.

पूछे जाने पर बीडीओ साहब ने कहा कि प्रखण्ड के डी एम अकादमी को हेल्थ क्वारेंटिन सेंटर (Health Quarantine Centre) बनाया गया है जहां बाहर से आने वालों को, जो कोरोना संदिग्ध होंगे, उन्हीं को रखा जाएगा. पैदल या साइकिल से आने वाले लोगों को बड़गाँव एससीएसटी आवासीय उच्च विद्यालय में रखा गया है ताकि उन्हें सारी सुविधाएं मिल सकें.

वहीं, जब वापस लौटने वाले मजदूरों से बात की गई तो उन्होंने कहा कि कोरोना से संक्रमित होकर मरने के पहले तो वे लोग भूख से मर जाएंगे क्योंकि उन्होंने कुछ खाया नहीं है और उनके पेट बिल्कुल खाली हैं. यहां भी प्रशासन का एक अमानवीय चेहरा नजर आया.

ऐसे में सवाल उठता है कि जब अधिकारियों की मौजूदगी में सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों को ताक पर रखकर धज्जियां उड़ाया जा रहा है तो जिले में कोविड 19 के संक्रमण रोकने में प्रशासन कितनया सफल होगा. बताते चलें कि खबर लिखने तक पश्चिमी चंपारण जिला में 11 लोगों की रिपोर्ट कोरोना पॉजेटिव (COVID-19 positive) आई है और कई संदिग्ध मरीजों के रिपोर्ट आने का अभी इंतजार है.