पारंपरिक मिथिला पोशाक में दरभंगा स्नातक क्षेत्र से रजनीकांत ने भरा नामांकन

दरभंगा (TBN – The Bihar Now डेस्क) | बिहार विधानसभा चुनाव के साथ विधान परिषद के लिए शिक्षक और स्नातक की आठ सीटों पर भी चुनाव होने हैं. इसके लिए 28 अक्टूबर से नामांकन की प्रक्रिया जारी है. दरभंगा स्नातक क्षेत्र से गुरुवार को समाजसेवी रजनीकांत पाठक ने अपना नामांकन भरा. उनके नामांकन को लेकर दरभंगा, मधुबनी, समस्तीपुर और बेगुसराय शिक्षित अभिभावक,शिक्षक,स्नातक में उत्साह देखने को मिल रहा है.

बेगूसराय जिले के बखरी के रहने वाले रजनीकांत पाठक ने मिथिला की पारंपरिक पोशाक धोती, कुर्ता, पाग और दोपट्टा पहनकर दरभंगा पहुंचे और अपने नामांकन का पर्चा भरा. उन्होंने दरभंगा उपायुक्त कार्यालय में दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से अपनी उम्मीदवारी का पर्चा दाखिल किया.

स्वर्गीय दिनेश पाठक के पुत्र रजनीकांत पाठक एक स्वच्छ और जुझारू छवि के पुरुष हैं. वे दलीय राजनीति से दूर रहकर लोगों से सीधा सम्पर्क बनाने में विश्वास रखते हैं. रजनीकान्त के बारे में बताया जाता है कि उन्होंने कभी दिल्ली की फैक्ट्रियों में मजदूरी तक की थी.

गौरतलब है कि रजनीकांत पाठक एक जानेमाने समाजसेवी हैं. चाहे कोरोना की विपदा हो या फिर बाढ़ का कहर, हर समय वे पीड़ितों के बीच खड़े रहे. पीड़ितों को राशन पानी जैसी जरूरत की चीजें मुहैया कराते रहे हैं. उन्हें मिथिला स्टूडेंट यूनियन सहित कई सामाजिक संस्थाओं का भरपूर साथ मिला है. वे लगातार दरभंगा, मधुबनी, बेगूसराय, और समस्तीपुर के निवासियों के बीच हर समय खड़े रहे हैं.

बताते चलें कि रजनीकांत पाठक आज सुबह अपने बेगूसराय के बखरी स्थित घर में पहले अपने कुलदेवता की पुजा अर्चना की और अपनी माँ से आशीर्वाद लेकर अपने समर्थकों संग दरभंगा पहुंचे. उनकी पहचान मिथिलांचल में एक लोकप्रिय समाजसेवी के रूप में है. सामाजिक रूप से उन्होंने बड़े स्तर पर कार्य किए हैं. मिथिला मैथिली के प्रति उनके समर्पण, विजन और तत्परता से क्षेत्र में एक अलग छवि रखने वाले रजनीकांत इस क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं की गहरी समझ रखते हैं. हाल में “मिथिला मखाना” जीआई टैग के लिए उन्होंने शानदार प्रयास किया है.

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