बाढ़: बिहारी बीघा पंचायत की मुखिया के हस्ताक्षर पर उठ रहे सवाल

बाढ़ (TBN – अखिलेश्वर सिन्हा की रिपोर्ट)| बाढ़ अनुमंडल (Barh subdivision) के पंडारक प्रखंड (Pandarak Block) का बिहारी बीघा पंचायत (Bihari Bigha Panchayat) एक बार फिर से सुर्खियों में है. कभी आदर्श ग्राम के लिए राष्ट्रपति पुरस्कार पाने वाला पंचायत (Panchayat receiving President’s Award) इस बार महिला मुखिया के नकली हस्ताक्षर को लेकर खबर में आ गया है.

दरअसल, बिहारी बीघा के वार्ड नंबर 2,5,6,7,8 और 9 के वार्ड सदस्यों ने हस्ताक्षर को लेकर सवाल उठाया है. उनका कहना है कि महिला मुखिया खुद पंचायत का कोई काम नहीं करती है. वह स्थानीय दबंगों के इशारे पर चलने का काम करती है.

वार्ड सदस्यों ने आरोप लगाया है कि महिला मुखिया किसी भी पत्र पर खुद साइन नहीं करती हैं, बल्कि दबंग मुखिया प्रतिनिधि उनकी जगह हस्ताक्षर कर देते हैं. इतना ही नहीं, ये फर्जी हस्ताक्षर वाले पत्र सभी जगह भेज भी दिए जाते हैं.

इस बावत शनिवार को ग्राम पंचायत भवन में वार्ड सदस्यों ने मुखिया के फर्जी हस्ताक्षर और अपने वार्ड की विकास नहीं होने के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. साथ ही सबों ने सरकार से मुखिया को बर्खास्तगी का मांग भी की.

वार्ड नंबर 2,5,6,7,8 और 9 के वार्ड सदस्यों ने बीडीओ, पंडारक और अनुमंडल पदाधिकारी, बाढ़ को पत्र लिख कर हस्ताक्षर जांच की मांग की है. वार्ड सदस्यों ने लिखा है कि मुखिया की जगह कोई और हस्ताक्षर कर अपने मन से पंचायत में काम कर रहा है, जिसका यह विरोध पत्र है.

महिला मुखिया का ये है कहना

दूसरी ओर, इस मामले पर महिला मुखिया रूबी देवी ने बताया कि पत्रों पर उनके ही हस्ताक्षर हैं, वे फर्जी नहीं हैं. रूबी देवी ने कहा कि चूंकि मैं कम पढ़ी-लिखी महिला हूं, जिस कारण हस्ताक्षर करने में समय लगता है और कुछ शब्द टेढ़े-मेढ़े हो जाते हैं तथा हस्ताक्षर में अंतर आ जाता है. इसी को लेकर विरोधी खेमा के इशारे पर कुछ वार्ड सदस्य पंचायत के द्वारा किए जा रहे विकास कार्यों को रोकने का प्रयास कर रहे हैं. उनके अनुसार, उनके हस्ताक्षर का आज तक कोई दुरुपयोग नहीं हुआ है.

इस बारे में जब पंडारक के प्रखंड विकास पदाधिकारी (Block Development Officer of Pandarak) विपुल भारद्वाज से मीडिया द्वारा बात करने की कोशिश की गई तो उन्होंने कहा कि रविवार को यूपीएससी के एग्जाम के कारण वह पटना में हैं. इसलिए सोमवार को वापस आकर मुखिया के कथित हस्ताक्षर मामले की जांच वे खुद करेंगे.