PM की जनता से “जनता कर्फ्यू की अपील”; कहा – सोशल डिस्टेंसिंग करें लोग

पटना / नई दिल्ली (TBN रिपोर्टर)| नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को देश के लोगों को संबोधित करते हुए लोगों से कोरोना से बचाव के लिए सोशल डिस्टेंसिंग करने को कहा है. उन्होंने कहा कि जब तक बहुत जरूरी ना हो घर से ना निकले. अपने व्यापार एवं ऑफिस के अधिकांश काम घर से ही करें. उन्होंने लोगों से अपील की कि वे भीड़-भाड़ से दूर रहे. उन्होंने सलाह दी कि 60 साल से ऊपर के बुजुर्ग घर पर ही रहे.
जैसा कि वैज्ञानिकों ने बताया है कि कोरोना का वायरस मनुष्य के शरीर में 14 दिनों तक रहता है. इसलिए 31 मार्च तक सावधानी अगर रखी जाए तो संक्रमण की चेन टूट जाएगी तथा इस वायरस से होने वाले क्षति को रोका जा सकता है. बताते चलें कि कोरोनावायरस भारत में अपने दूसरी स्टेज में है. इंडियन काउंसिल आफ मेडिकल रिसर्च के मुताबिक स्टेज 2 का अर्थ है अभी वायरस का कम्युनिटी ट्रांसमिशन अर्थात् लोगों के बीच आपस में फैलना शुरू नहीं हुआ है. इस स्टेज में कोरोना से संक्रमित व्यक्ति से उसके परिजनों तथा एकदम नजदीकी लोगों में यह वायरस फैलता है. यानी स्टेज वन और टू में कोरोना से संक्रमित सोर्स का पता रहता है कि यह वायरस किससे फैल रहा है. अभी हमारे देश में यही स्थिति है. लेकिन स्टेज 3 में जब संक्रमित व्यक्ति बाहर घूमता है और कई लोगों के संपर्क में आता है तो फिर पूरी कम्युनिटी यानि समाज में यह फैलना शुरू हो जाता है. इसमें संक्रमित मरीज को भी पता नहीं चलता कि उसे यह वायरस कहां से लगा. इटली और स्पेन में इसी तरह की स्थिति है.
इन्हीं कारणों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की जनता को संबोधित किया. प्रधानमंत्री ने अपील की कि जनता अपनी सुरक्षा के लिए घरों से ना निकले तथा औरों को भी अपने घरों में ही रहने को कहें. उन्होंने कहा कि 10 साल से छोटे बच्चे और 60 वर्ष से ऊपर के बुजुर्ग कुछ दिनों तक घर से ना निकले. मोदी ने देश की जनता से आगामी रविवार 22 मार्च को सुबह 7:00 बजे से रात 9:00 बजे तक “जनता कर्फ्यू” लगाने की अपील की. उन्होंने कहा कि आज मैं प्रत्येक देशवासी से समर्थन मांग रहा हूं. यह है जनता कर्फ्यू यानी जनता के लिए जनता द्वारा खुद पर लगाया गया कर्फ्यू. उन्होंने जनता कर्फ्यू के दौरान जरूरी सेवाओं को छोड़ बाकी सभी लोगों से घरों में ही रहने को कहा है. मोदी ने कहा कि यह मानना बड़ी गलती होगी कि हम इस बीमारी से बचे रहेंगे. उनके अनुसार कुछ सप्ताह तक लोग बेहद जरूरी होने पर ही घरों से निकलें तो इस महामारी को फैलने से रोका जा सकता है.
प्रधानमंत्री ने अपने 29 मिनट के संबोधन के में कहा कि लोग अस्पतालों पर अनावश्यक दबाव न बढ़ाएं ताकि डॉक्टर कोरोना को प्राथमिकता दे सकें. बहुत जरूरी हो तो अपनी पहचान के डॉक्टरों से फोन कर उनसे सलाह लें. बहुत जरूरी ना हो तो अपनी सर्जरी को कुछ दिनों के लिए टाल दें. उन्होंने लोगों से यह भी अपील की कि वे कुछ दिनों के लिए अपने रुटीन चेकअप को टाल दें.
प्रधानमंत्री ने लोगों से अपील की कि 22 मार्च को जनता कर्फ्यू के दिन शाम 5:00 बजे अपने दरवाजे या बालकनी से देश की जरूरी सेवाओं में जुटे लोगों को थाली घंटी बजाकर सेल्यूट करें तथा उनके प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त करें.
प्रधानमंत्री ने इस महावारी का अर्थव्यवस्था पर पढ़ते हुए प्रभाव पर कहा कि आर्थिक चुनौतियों के मद्देनजर सरकार ने केंद्रीय वित्त मंत्री के नेतृत्व में एक कोविड-19 इकोनामिक रिस्पांस टास्क फोर्स बनाने का फैसला लिया है. यह टास्कफोर्स सभी स्टेकहोल्डर्स से फीडबैक लेते हुए हर परिस्थिति का आकलन करते हुए निकट भविष्य में फैसले लेगी.
उन्होंने संकट के इस समय में देश के व्यापारी जगत तथा उच्च आय वर्ग से आग्रह किया कि यदि संभव हो तो वह जिन जिन लोगों से सेवाएं लेते रहे हैं उनके आर्थिक हितों का ध्यान रखें रखें. हो सकता है कि आने वाले कुछ दिनों में यह लोग दफ्तर ना आने पाए या आपके घर न आने पाए ऐसे में उनका वेतन ना कटे. उन्होंने अपील की कि पूरी मानवीयता और संवेदनशीलता के साथ फैसले लें. हमेशा याद रखिएगा कि उन्हें भी अपना परिवार चलाना है तथा अपने परिवार को इस बीमारी से बचाना है.
प्रधानमंत्री ने देशवासियों को इस बात का भी आश्वासन दिलाया कि देश में दूध, खाने पीने के सामान, दवाइयां, जीवन के लिए जरूरी ऐसी आवश्यक चीजों की कमी ना हो इसके लिए तमाम कदम उठाए जा रहे हैं. ये सप्लाई कभी रोके नहीं जाएंगे. इसलिए उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे जरूरी सामानों के अनावश्यक संग्रह करने की होड़ न लगाए बल्कि जितनी जरूरत हो उतनी ही वस्तुएं खरीदें.