पीएम ने कहा- राम मंदिर भारतीय संस्कृति को अनंतकाल तक मानवता की प्रेरणा देगा

नई दिल्ली / अयोध्या (TBN – The Bihar Now डेस्क) | आज का दिन पुरे भारतवासिओं के लिए बेहद ही खास और ऎतिहासिक दिन है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज अयोध्या में राम जन्मभूमि मंदिर का भूमिपूजन किया. करीब 500 साल से जिन लम्हों का इंतजार पुरे देशवासिओं को था, वो लम्हा आज अवधनगरी में फलीभूत हो गया है. करोड़ों राम भक्तों का सपना आज साकार हो गया है. बेहद शुभ मुहूर्त में राम मंदिर का भूमि पूजन संपन्न हुआ. साथ ही मंदिर निर्माण का शुभारंभ हो गया है.

स्थल पर नौ ईंटें रखी गई थीं

बुधवार को राम जन्मभूमि मंदिर अयोध्या के लिए स्थल पर नौ ईंटें रखी गई थीं. इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा की गई भूमिपूजन के दौरान, एक पुजारी ने निर्माण प्रक्रिया की शुरुआत को चिह्नित करने के लिए रखी जाने वाली नौ ईंटों के महत्व को समझाया था.

पुजारी ने कहा कि यहां नौ ईंटें रखी गई हैं … ये 1989 में दुनिया भर से भगवान राम के भक्तों द्वारा भेजे गए थे. 2,75,000 ऐसी ईंटें हैं, जिनमें से 100 ईंटों में ‘जय श्री राम’ लिखी हुई हैं, ली गई हैं,”. आज के आयोजन में शुद्धिकरण और अन्य अनुष्ठानों के लिए 2,000 से अधिक तीर्थ स्थलों से मिट्टी और 100 से अधिक पवित्र नदियों के पानी का उपयोग किया गया.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सन्देश

राम मंदिर की आधारशिला रखने के बाद, पीएम मोदी ने इस आयोजन को देश के लिए एक “भावनात्मक क्षण” करार दिया और कहा कि “आज हर दिल रोशन है” उन्होंने शिलान्यास समारोह में कहा कि … एक लंबा इंतजार आज खत्म हो रहा है … एक भव्य मंदिर अब हमारे राम लल्ला के लिए बनाया जाएगा, जो कई वर्षों से एक तम्बू के नीचे रह रहे थे”.

प्रधानमंत्री ने कहा कि “इस मंदिर के निर्माण के साथ, न केवल इतिहास बनाया जा रहा है, बल्कि दोहराया जा रहा है. जिस तरह से आदिवासियों ने भगवान राम की मदद की थी, जिस तरह बच्चों ने भगवान कृष्ण को गोवर्धन पर्वत उठाने में मदद की थी, उसी तरह, सभी के प्रयासों से इस मंदिर निर्माण पूरा हो जाएगा”.

पूजा संम्पन होने के बाद पीएम मोदी ने कहा कि अयोध्या में बनने वाला राम मंदिर भारतीय संस्कृति का दर्शन देगा, अनंतकाल तक मानवता को प्रेरणा देगा. उन्होंने यह सन्देश देते हुए कहा कि सबके राम, सबमें राम और जय सिया राम. देश में जहां भी प्रभु राम के चरण पड़े हैं, वहां पर राम सर्किट का निर्माण किया जा रहा है. पीएम ने बताया कि शास्त्रों में कहा गया है कि पूरी पृथ्वी पर श्रीराम जैसा कोई हुआ ही नहीं है, कोई भी दुखी ना हो कोई भी गरीब ना हो. नर और नारी समान रुप से सुखी हों.

पीएम मोदी ने कहा कि राम का आदेश है कि बच्चों, बुजुर्ग और वैद्यों की रक्षा करनी चाहिए, जो हमें कोरोना ने भी सिखा दिया है. साथ ही अपनी मातृभूमि स्वर्ग से भी बढ़कर होती है.हमारा देश जितना ताकतवर होगा, उतनी ही शांति भी बनी रहेगी. राम की यही नीति और रीति सदियों से भारत का मार्ग दर्शन करती रही है, महात्मा गांधी ने रामराज्य का सपना देखा था. राम समय, स्थान और परिस्थितियों के हिसाब से बोलते और सोचते हैं. राम परिवर्तन-आधुनिकता के पक्षधर हैं.

डाक टिकट का अनावरण किया

इस दौरान प्रधानमंत्री ने मंदिर की पट्टिका और ‘श्री राम जन्मभूमि मंदिर’ पर एक स्मारक डाक टिकट का भी अनावरण किया. राम मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नित्य गोपाल दास, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत भी उनके साथ मौजूद थे.

‘पारिजात’ का पौधा लगाया

पीएम मोदी ने राम मंदिर की आधारशिला रखने से पहले मंदिर परिसर में दिव्य पौधा माना जाने वाला ‘पारिजात’ का पौधा लगाया. अयोध्या में, पीएम मोदी का पहला पड़ाव हनुमान गढ़ी मंदिर में था, जो किसी भी प्रधानमंत्री द्वारा इस मंदिर की पहली यात्रा का प्रतीक था. वे राम जन्मभूमि स्थल का दौरा करने वाले पहले प्रधानमंत्री भी बने.