पोस्टर में तेजस्वी को बताया जंगल राज का युवराज

पटना (TBN – The Bihar Now डेस्क) | बिहार विधानसभा चुनाव से पहले सत्ता पार्टी और विपक्ष पार्टी एक दूसरे पर ताबड़तोड़ हमला कर रही है. राजनीतिक पार्टियों में एक दूसरे को लेकर बयानबजी लगातार जारी है. इसी बीच महागठबंधन से मोह भंग होने के बाद एनडीए में घुसे जीतन राम मांझी, अब नीतीश कुमार के सिपाही की भूमिका बखूबी निभा रहे हैं. कभी LJP से लड़ जाते है तो कभी RJD को बोलते हैं कि नीतीश के खिलाफ कुछ भी बोलने से पहले मेरा सामना करना पड़ेगा.

मांझी को इस बात का पहले से पता था कि NDA में शामिल होने के बाद उनकी भूमिका क्या होगी. इसलिए मांझी अब नीतीश कुमार की लगातार अगुवाई कर रहे है. मांझी लगातार तेजस्वी यादव और चिराग पासवान पर हमला बोल रहे है. मांझी की पार्टी HUM ने मंगलवार को तेजस्वी के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए पटना की सड़कों पर पोस्टरबाजी की है.

इस पोस्टर पर तेजस्वी यादव के ऊपर निशाना साधते हुए लिखा गया है कि “सरकारी नौकरी है दलितों का अधिकार, मत विरोध करो जंगल राज के युवराज”. इस पोस्टर की खास बात यह है कि इसमें NDA के सभी दलों के नेता पोस्टर पर चिपकाये गए मगर LJP के किसी भी नेता का चेहरा इस पोस्टर पर दिखाई नहीं दिया.

इस पोस्टर में मांझी ने चिराग पासवान को आउट कर दिया है. इससे पहले भी मांझी के पोस्टरबाजी में LJP के किसी भी नेता का चेहरा शामिल नहीं किया गया था. मांझी लगातार चिराग पासवान पर अटैक कर रहे हैं अब देखना ये है कि मांझी को लेकर कौन पहले मोर्चा खोलता है. जंगल राज के युवराज कहे जाने वाले तेजस्वी या पोस्टर से आउट किये जाने वाले चिराग पासवान.

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