सिवान में मजाक बना लॉकडाउन कहीं खौफ न पैदा कर दे

सिवान | सूबे में कोरोना प्रभावितों की संख्या 60 हो गयी है. इनमे अकेले सिवान जिले से 45 प्रतिशत यानी 27 मरीज हैं. इस बड़ी संख्या के साथ सिवान सबसे ज्यादा प्रभावित जिला बनकर पहले स्थान पर आ गया है.

स्थिति की गम्भीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने वहां बीएमपी की तैनाती की है. बीएमपी की प्रतिनियुक्ति से वहां के लोगों ने राहत की सांस भी ली है. लेकिन सिवान में सबकुछ ठीक है , ऐसा भी नही है.

सिवान से जो जानकारी मिल रही है वह सिवान जिला प्रशासन के लिए परेशानी का सबब बन सकता है. कोरोना संकट से निबटने के नाम पर लोगों ने अपने स्तर से गली – मोहल्लों की बैरिकेडिंग कर दी है. नगर परिषद के वार्ड नम्बर 22 में यह स्थिति है. विश्वस्त सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार ऐसा करके इस वार्ड के दो – ढाई सौ युवा एकत्रित होते हैं और जुआ खेलते हैं.

पूरा देश अभी लॉकडाउन में है. इसके पीछे केंद्र और राज्य सरकारों की मंशा कोरोना फैलाव को लगभग शून्य तक पहुंचना ही है. यही वजह है कि पेरोल पर अपराधियों को भी छोड़ा जा रहा है. लेकिन सिवान से आ रही ऐसी खबरें राज्य सरकार के उद्देश्य को पूरा करने में बाधा पैदा करने वाली ही साबित हो सकती हैं.

यह कहना मुश्किल है कि जिला प्रशासन को इसकी जानकारी न हो. लेकिन इस स्थिति को खौफनाक होने से टाला जा सकता है ताकि कम्युनिटी स्प्रेड से बचा जा सके.
(अनुभव सिन्हा, वरिष्ठ पत्रकार)