लैंड सर्वे सेटेलमेंट से भूमि विवाद से जुड़ी 80% समस्यााओं का हो जायेगा निराकरण – नीतीश

पटना (TBN रिपोर्टर)| राजधानी पटना के 1, अणे मार्ग स्थित “संकल्प” में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सामने राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने प्रेजेन्टेशन दिया जिसमें विभाग के अपर मुख्य सचिव विवेक कुमार सिंह ने लैंड रिकॉर्ड, लैंड सर्वें एंड सेटलमेंट, लैंड कॉन्सिलिडेशन, लैंड एक्यूजिशन तथा लैंड सेटलमेंट पर विस्तारपूर्वक जानकारी दी. विवेक सिंह ने बताया कि इस विशेष सर्वे से बिहार में भूमि व्यवस्था सुदृढ़ होगी और भूमि से संबंधित कई प्रकार की समस्याओं का समाधान होगा. इस प्रेजेन्टेशन में सर्वे ऑपरेशन की वर्तमान स्थिति की जानकारी, मैन पावर की उपलब्धता, परिमार्जन सॉफ्टवेयर के माध्यम से जमाबंदी को दुरुस्त करना, ऑनलाइन करेक्शन एवं सरजमीं सेवा के अंतर्गत कर्मचारी, अमीन की मॉनिटरिंग संबंधित अन्य जानकारी मुख्यमंत्री के समक्ष दी गई.
प्रेजेन्टेशन बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि लैंड सर्वे सेटेलमेंट से भूमि विवाद से जुड़ी 80 प्रतिशत समस्यााओं का निराकरण हो जायेगा. नए सर्वे सेटलमेंट में व्यावहारिक स्वरुप को ध्यान में रखते हुये काम किया जा रहा है तथा भूमि विवाद से जुड़ी समस्याओं के समाधान के उपाय भी किए जा रहे हैं. विधि व्यवस्था से संबंधित समीक्षा से पता चलता है कि वर्तमान समय में भूमि विवाद के कारण आपसी झगड़े एवं समाज में झंझट होता रहता है जिस कारण विधि व्यवस्था संबंधित समस्या उत्पन्न होती है. मुख्यमंत्री ने विभाग से जल्द से जल्द सर्वे सेटलमेंट का काम पूरा करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत जिनलोगों का नाम तो है लेकिन उनके पास जमीन नहीं है, उस योजना का लाभ उठाने के लिए लाभार्थी को मुख्यमंत्री वास स्थल क्रय योजना के अंतर्गत 60 हजार रुपए दिए जा रहे हैं. प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) में जिनका नाम छूट गया है, उन्हें मुख्यमंत्री आवास योजना के अंतर्गत लाभ दिया जा रहा है.

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि सरकार द्वारा पर्यावरण संरक्षण के लिए चलाए जा रहे जल-जीवन-हरियाली अभियान के अंतर्गत आहर, पईन, पोखर को अतिक्रमित कर बनाए गए मकानों को अतिक्रमणमुक्त कराया जा रहा है. राज्य सरकार ऐसे बेघर लोगों को जमीन खरीदने के लिए भी 60 हजार रुपए की राशि उपलब्ध करा रही है. यह सुविधा व्यवहारिक रुप से मिल पा रही है या नहीं, इसका भी पता लगाने की जरूरत है. इस योजना से लाभान्वित होने के लिए लोगों को प्रेरित करते रहने की जरुरत है. लाभार्थियों को लाभ देने के लिए जल्द से जल्द वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अंचलाधिकारी को निर्देशित करें और इस संबंध में उनके द्वारा भी बताए गए व्यवहारिक सुझाव पर गौर करें. उन्होंने कहा कि अंचल के स्तर पर सप्ताह में एक दिन थानेदार और अंचलाधिकारी की संयुकत बैठक तथा 15 दिनों में एक बार अनुमंडल पदाधिकारी और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी की संयुक्त बैठक एवं महीने में एक बार जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक की संयुक्त बैठक जमीन संबंधित समस्याओं के निपटारे के लिए नियमित रुप से होते रहनी चाहिए. इन सभी लोगों का एक बार वर्कशॉप भी कराएं. कार्यों के बेहतर संचालन एवं तेजी से निपटारे के लिए अगर पदाधिकारी एवं कर्मचारियों की और जरुरत है तो बहाली भी कराएं. टोपोलैंड संबंधित समस्याओं का भी समाधान के लिए विभागीय स्तर पर कार्य करें.
इस बैठक में राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री राम नारायण मंडल, मुख्य सचिव दीपक कुमार, विकास आयुक्त अरुण कुमार सिंह, अध्यक्ष राजस्व पर्षद त्रिपुरारी शरण, अपर मुख्य सचिव गृह एवं सामान्य प्रशासन आमिर सुबहानी, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अपर मुख्य सचिव विवेक कुमार सिंह, वित्त विभाग के प्रधान सचिव एस0 सिद्धार्थ, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव चंचल कुमार, बिहार कर्मचारी चयन आयोग के अध्यक्ष रविंद्र कुमार, ग्रामीण विकास विभाग के प्रधान सचिव अरविंद कुमार चौधरी, सचिव वित्त (व्यय) राहुल सिंह, सचिव वाणिज्य कर श्रीमती प्रतिमा एस0 वर्मा, मुख्यमंत्री के सचिव अनुपम कुमार, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी गोपाल सिंह सहित अन्य वरीय पदाधिकारी उपस्थित थे.