बेरोजगारी के मुद्दे पर जदयू में बगावत

पटना (संदीप फिरोजाबादी की रिपोर्ट)– बिहार विधानसभा चुनाव में राजनीतिक पार्टियां विभिन्न मुद्दों पर सरकार को घेरने के लिए तैयारी कर रही हैं. विपक्ष के लिए सबसे बड़ा मुद्दा बेरोजगारी है. राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव ने इस बार विधानसभा चुनाव में बेरोजगारी के मुद्दे को बड़े जोर शोर से उठाने का संकल्प लिया है और इसी संकल्प को आगे बढ़ाते हुए तेजस्वी यादव  “बेरोजगारी हटाओ यात्रा” निकालने जा रहे हैं  तेजस्वी यादव की ‘बेरोजगारी हटाओ यात्रा’ 23 फरवरी से शुरू होने वाली है.

बेरोजगारी के मुद्दे पर जनता दल-यूनाइटेड (जदयू) के विधायक अमरनाथ गामी और एमएलसी जावेद इकबाल अंसारी ने अपनी सरकार पर ऊँगली उठाई है और सरकार पर निशाना साधा है

जदयू के विधायक अमरनाथ गामी ने कहा है कि “बिहार में बेरोजगारी है, अन्यथा लोग राज्य को छोड़कर नहीं जाते. तेजस्वी यादव ‘बेरोजगारी हटाओ यात्रा’ निकाल रहे हैं, लेकिन सिर्फ यह अकेले मदद नहीं करेगा. बिना केंद्र की मदद के बेरोजगारी दूर करना संभव नहीं है. किसी भी बिहार सरकार ने बेरोजगारी पर ध्यान नहीं दिया.”

जदयू के एमएलसी जावेद इकबाल अंसारी ने कहा है कि  “विपक्ष के नेता (तेजस्वी यादव) बेरोजगारी हटाओ यात्रा निकाल रहे हैं. बिहार में 10-15 साल में बेरोजगारी की वजह से पलायन बढ़ गया है, लोग काम करने के लिए अन्य राज्यों में चले जाते हैं और बेइज्जत होते हैं. जो भी युवाओं के भविष्य की खातिर सड़क पर उतरेगा, उसकी सराहना की जानी चाहिए.”

जदयू के नेताओं के द्वारा दिए गए इस प्रकार के बयान के बाद जदयू के प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह ने राजद पर हमला बोलते हुए कहा  है कि “एक व्यक्ति द्वारा समर्थन के पीछे कोई अर्थ नहीं है. यह केवल कुछ प्रचार हासिल करने के लिए एक रणनीति है, अब जब वे अपनी जमीन खो रहे हैं. जब जनता का समर्थन कम हो जाता है तो लोग इस तरह के कदम उठाते हैं. यह हमें बिल्कुल प्रभावित करने वाला नहीं है.”