नवरूणा कांड: सीबीआई ने दाखिल की फाइनल रिपोर्ट, कहा नहीं मिले कोई सबूत

मुजफ्फरपुर (TBN – The Bihar Now डेस्क) | मुजफ्फरपुर के बहुचर्चित नवरुणा मर्डर मिस्ट्री की जांच कर रही एजेंसी सीबीआई ने अपना फाइनल रिपोर्ट विशेष कोर्ट में जमा कर दिया है. यह रिपोर्ट 40 पेजों की है तथा इसमें करीब 86 बिंदुओं को शामिल किया गया है और इसे सीबीआई के डीएसपी अजय कुमार ने कोर्ट में दाखिल किया. रिपोर्ट के साथ ही जांच बंद हो गई है. अब इस मामले पर अगली सुनवाई 4 दिसम्बर को होगी.

सूत्रों के अनुसार, सीबीआई की इस रिपोर्ट में जांच में कोई सबूत नहीं मिलने की बात कही गई है. इस जांच में सीबीआई ने वैज्ञानिक तरीकों का भी सहारा लिया था फिर भी घटना के कारणों व हत्यारों को लेकर साक्ष्य नहीं जुटाई जा सकी. 

क्या है नवरुणा कांड

मुजफ्फरपुर के जवाहरलाल रोड निवासी अतुल्य चक्रवर्ती की छोटी बेटी का नाम नवरुणा था. 18/19 सितंबर 2012 की रात घर की खिड़की का रॉड तोड़कर 12 वर्षीय नवरुणा का कथित रूप से अपहरण कर लिया गया था. अतुल्य चक्रवर्ती ने अगले दिन 19 सितंबर को नगर थाने में अपनी बेटी के अपहरण की प्राथमिकी दर्ज कराई.

फिर 26 नवंबर 12 को अतुल्य के घर के सामने नाले से कंकाल मिला था जिसे तत्काल नवरूना का कंकाल बताया गया था. नवरूणा कांड में जिला पुलिस की ओर से कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में भारी दबाव के बाद राज्य सरकार ने सीआईडी को जांच की जिम्मेदारी सौंपी. सीआईडी जांच में भी कोई निष्कर्ष नहीं निकला.

सीआईडी के फेल होने के बाद बिहार सरकार ने इस केस की सीबीआई जांच की अनुशंसा कर दी. इस पर सीबीआई ने पहले से ही कई केसों का दबाव बताते हुए जांच से इनकार कर दिया था.

इसके बाद गायब नवरूणा से जुड़े लॉ के एक छात्र अभिषेक रंजन ने सुप्रीम कोर्ट में एक पीआईएल याचिका दाखिल की. इस याचिका पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सीबीआई ने 14 फरवरी 2014 को मामले की जांच शुरू की.

उसके बाद नवरुणा मामले में सीबीआई ने 15 संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की. अपने जांच के दौरान सीबीआई ने 250 से अधिक लोगों को नोटिस देकर कैंप कार्यालय व क्षेत्रीय कार्यालय में बुलाकर पूछताछ की. सीबीआई की तरफ से नगर थाने के तत्कालीन थानाध्यक्ष जितेंद्र प्रसाद, वार्ड पार्षद राकेश कुमार सिन्हा पप्पू, मोतीपुर निवासी विमल अग्रवाल समेत दर्जनभर लोगों की लाई डिटेक्टर व ब्रेन मैपिंग से जांच कराई गई थी. सीबीआई को इसपर भी जब कोई सुराग नहीं मिला, तो इस बारे में बताने वाले को 10 लाख रुपये का इनाम की भी घोषणा कर दी थी.

पीआइएल दाखिल करनेवाले ने जताया विरोध

नवरुणा को इंसाफ दिलाने को लेकर सुप्रीम कोर्ट में पीआईएल दाखिल करनेवाले अभिषेक रंजन ने सीबीआई के फाइनल रिपोर्ट का विरोध किया है. उन्होंने कहा कि छह साल से आखिर सीबीआइ क्या जांच कर रही थी कि उसे कोई भी दोषी या सबूत नहीं मिला.

नवरुणा कांड में सीबीआई के फाइनल रिपोर्ट दाखिल करने की जानकारी होने के बाद अधिवक्ता रंजना सिंह विशेष कोर्ट पहुंची. उन्होंने कहा कि सीबीआई के फाइनल रिपोर्ट पर अभी किसी तरह की कार्यवाही नहीं हुई है. रंजना सिंह ने कहा कि वे हर हाल में सीबीआई के फाइनल रिपोर्ट का विरोध करेंगी.

वकील रंजना सिंह ने बताया कि नवरुणा मामले में पहले से ही कोर्ट में विरोध पत्र दाखिल किया जा चुका है. सीबीआई के फाइनल रिपोर्ट के बाद अब हमारे दाखिल विरोध पत्र पर सुनवाई की मांग की जायेगी.

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