जुआ में पत्नी को हारा, सामूहिक दुष्कर्म पर पत्नी के विरोध के बाद पति ने तेजाब से झुलसाया

भागलपुर (TBN – The Bihar Now डेस्क)| जिला के मोजाहिदपुर थाना क्षेत्र के हसनगंज मोहल्ले में मानवता को कलंकित करने वाला महाभारत में द्रोपदी के जुए में हारने से भी विभत्स घटना एक बार फिर से चरितार्थ हुई, जहां अपनी पत्नी को जुआ में हारने के बाद जुआरियों द्वारा सामूहिक दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया गया और जब अपने साथ हुई ज्यादती के खिलाफ पीड़िता ने आवाज बुलंद करने चाहा तो वहशी पति ने अपनी पत्नी के शरीर पर ही तेजाब डालकर उसे पूरी तरह झुलसा दिया. घटना 2 नवम्बर की है और इस बीच पीड़िता का इलाज जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में चला.

महाभारत की कथा में तो पांडव द्वारा जुआ में द्रोपदी को हारने के बाद उसे बचाने के लिए कृष्ण पहुँच गये थे. लेकिन भागलपुर की इस विवाहिता को बचाने के लिए कोई सामने नहीं आया और फिर दरिंदगी की हद को पार कर देने वाले पति के चंगुल से निकलकर किसी तरह मायके जिच्छो पहुँची और घरवालों के साथ सामाजिक कार्यकर्ता दीपक सिंह से न्याय की गुहार लगाई. जिसके बाद सामाजिक कार्यकर्ता ने सीनियर एसपी आशीष भारती से बात की और फिर एसएसपी के निर्देश पर मोजाहिदपुर थाना में एफआईआर दर्ज करवाया.

मोजाहिदपुर थाना में पीड़िता की ओर से दिये गये आवेदन में बताया गया कि उनकी शादी मोजाहिदपुर के हसनगंज से दस साल पहले शादी हुई थी और संतान नहीं होने के कारण लगातार बांझपन होने का ताना दिया जाता रहा. पति शराबी और जुआरी था और इसी कड़ी में जुआ में उन्हें ही शराब के नशे में दाव पर लगा दिया और फिर जुआ में हार गये. उसके बाद पांच छह लोगों ने उसके साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया.

इसको लेकर लगातार पति से लड़ाई होने पर उन्होंने बांझपन की बात करते हुए शरीर पर तेजाब फेंक उसे झुलसा दिया. इस दौरान किसी से कुछ बताने से साफ इंकार कराते हुए लगातार धमकी दे रहा था. अपने साथ हुए हैवानियत का विरोध पर पति द्वारा पिटाई का भी आरोप लगाई. आधा शरीर पूरी तरीके से जल जाने पर इलाज के लिए जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा अस्पताल में भर्ती कराया गया था. यहां उसे पति ने धमकाया कि वह पुलिस को कुछ भी नहीं बताएं. डर से पीड़ित विवाहिता ने वहां भी कुछ नहीं बताया.

अपने आवेदन में पीड़िता ने लिखा है कि शनिवार को किसी तरीके से पति के चंगुल से निकलकर अपने मायके जिच्छो पहुंच गई और वहां सामाजिक कार्यकर्ता दीपक सिंह को पूरी घटना की जानकारी दी. उसके बाद सामाजिक कार्यकर्ता ने वरीय पुलिस अधीक्षक को घटना की जानकारी दी और फिर पीड़िता ने मोजाहिदपुर थाना में पति और अन्य लोगों के खिलाफ आवेदन दिया है जिसके बाद पुलिस जांच में जुट गई है. घटना 2 नवंबर की बतायी जाती है.

ईधर मामले के संज्ञान में आने के बाद आरोपी पति को पुलिस ने देर शाम हिरासत में ले लिया है. सीनियर एसपी ने मामले पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने की बात कही और स्पीडी ट्रायल के माध्यम से आरोपियों को सजा दिलाने की बात कही. एसएसपी आशीष भारती ने मामले की जांच कराकर सभी दोषियों का शिनाख्त कर गिरफ्तारी सुनिश्चित करने की बात कही. उन्होंने कहा कि अमानवीय हरकत में शामिल आरोपियों को किसी भी सूरत में नहीं बख्शा जायेगा.