कोरोना इफेक्ट : चिरांद में हर वर्ष होने वाली गंगा महाआरती टली

छपरा (TBN रिपोर्टर) | कोरोना महामारी का प्रभाव मानव जीवन के स्वास्थ्य, रोजगार, मनुष्य की जीवन प्रणाली के साथ साथ अब आस्था और धार्मिक भावनाओं पर भी पड़ रहा है. कोरोना से बचाव के चलते लॉकडाउन की वजह से अभी भी सभी धार्मिक स्थल बंद हैं. छपरा से ११ किलोमीटर दक्षिण पूर्व में डोरीगंज बाजार के निकट स्थित चिरांद सारण जिला का सबसे महत्वपूर्ण पुरातत्व स्थल है. वर्ष 2008 से हर वर्ष चिरांद में गंगा महाआरती आयोजित होती आ रही है. लेकिन कोरोना महामारी को देखते हुए बड़ी संख्या में भीड़ होने से रोकने के लिए चिरांद विकास परिषद ने गंगा महाआरती को टालने का निर्णय लिया है.

गंगा महाआरती को स्थगित करने के बारे में जानकारी देते हुए चिरांद विकास परिषद के अध्यक्ष कृष्णकांत ओझा ने बताया कि गंगा-सरयू व सोन के संगम पर स्थित धार्मिक व सांस्कृतिक नगरी चिरांद में ज्येष्ठ पूर्णिमा के अवसर पर होने वाली भव्य गंगा महाआरती और गंगा बचाओ संकल्प समारोह का आयोजन इस बार महज सांकेतिक होगा. विश्व शांति के लिए अयोध्या के मानस मर्मज्ञ 24 घंटा अखंड संगीतमय रामायण पाठ करेंगे. इस रामायण पाठ में श्रद्धालुओं की भीड़ नहीं होगी, वे केवल लाउडस्पीकर के जरिए सुन सकेंगे.

चिरांद विकास परिषद के अध्यक्ष ने बताया कि ज्येष्ठ पूर्णिमा पर 5 जून की संध्या शारीरिक दूरी बनाते हुए बंगाली बाबा घाट पर माता गंगा की पूजा-अर्चना की जाएगी. इस दौरान माता गंगा की आरती भी होगी लेकिन कोरोना वायरस संक्रमण को देखते हुए भव्य सामूहिक महाआरती का आयोजन नहीं किया जायेगा.  इस दौरान मौजूद लोग गंगा गरिमा रक्षा संकल्प भी लेंगे.

भव्य सामूहिक महाआरती का आयोजन स्थगित करने के बारे में परिषद के सदस्यों ने बताया कि वैश्विक महामारी कोविड-19 के कारण पिछले 13 वर्षों से आयोजित होने वाली भव्य गंगा मां की आरती, गंगा बचाओ संकल्प समारोह और चिरांद चेतना महोत्सव को सांकेतिक रूप में ही मनाने का निर्णय लिया गया है.

चिरांद विकास परिषद के तिवारी घाट स्थित कार्यालय में सोमवार को आयोजित बैठक में तय हुआ कि सांकेतिक समारोह का प्रसारण विभिन्न ऑनलाइन व सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से कराया जाएगा. बैठक की अध्यक्षता परिषद के अध्यक्ष कृष्णकांत ओझा ने की. उन्होंने कहा कि चिरांद के माध्यम से प्राकृतिक के अनुकूल सतत विकास मॉडल देने के उद्देश्य से जन जागरण के लिए यह आयोजन शुरू किया गया था. पिछले भव्य आयोजनों के माध्यम से देश-विदेश के लोगों को चिरांद के महत्व से अवगत कराया गया.

परिषद के सचिव श्रीराम तिवारी ने बैठक का संचालन करते हुए कहा कि इस बार कार्तिक पूर्णिमा में सब कुछ ठीक-ठाक रहा तो उसी तिथि पर भव्य महाआरती कराई जाएगी. इस दौरान राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित सामाजिक कार्यकर्ता देवेश नाथ दीक्षित, कमल किशोर पांडेय, तारकेश्वर सिंह, श्याम बहादुर सिंह, रासेश्वर, सिंह मुरली मनोहर तिवारी, हरिद्वार सिंह, रघुनाथ सिंह, मनोज कुमार तिवारी, मंटू सिंह, रोहित कुमार तिवारी, राहुल कुमार, कुमार आनंद, हर्ष कुमार, छोटू कुमार सहित कई लोग उपस्थित थे.

Advertisements