क्या ऐसे होगा कोरोना से बचाव ? गया डिस्ट्रिक्ट जज की विदाई के भव्य आयोजन का मामला

गया / पटना (TBN – The Bihar Now डेस्क) | एक बेहद अफसोसनाक खबर गया से मिली है. मौका था गया के डिस्ट्रिक्ट जज (Gaya District Judge) के स्थानांतरण के विदाई समारोह का जहां लगभग डेढ़ सौ लोगों ने भाग लिया था. यह समारोह शनिवार को गया सिविल कोर्ट के फैमिली कोर्ट जज के आवास स्थित कैंपस में आयोजित किया गया था.

इस विदाई समारोह में उपस्थित सभी न्यायिक पदाधिकारी एवं उनके परिवार के सदस्य फूल माला पहनाकर एवं बुके देकर जिला जज को विदाई दी. इस मौके पर कुछ लोगो ने गाना भी गाया.

सोसल डिस्टनसिंग और मास्क पहनने के नियमों एवं दिशा निर्देशों का उल्लंघन होता दिखा

आश्चर्यजनक रूप से इस समारोह में भाग लेनेवालों में से ज्यादातर लोगों ने मास्क नहीं पहना था. और तो और, समारोह में सोशल डिस्टेनसिंग का भी ख्याल नहीं रख गया था.

इस समारोह में इतने लोगों की मौजूदगी तब ज्यादा मायने रखती है जब पूरी दुनिया कोरोना जैसी भयंकर महामारी (Covid-19 Pandemic) से जूझ रही हो और देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रोजाना मास्क पहनने और 2 गज दूरी को मेंटेन करने की अपील करते हो. इस अपील और कोरोना की भयंकरता को दरकिनार करते हुए गया डिस्टिक जज के स्थानांतरण को उत्सवी बनाकर उनकी विदाई दी गई.

उच्चतम न्यायालय या पटना हाईकोर्ट में नहीं हुआ था कोई आयोजन

एक बात बता दें कि अभी तक पटना हाईकोर्ट के तीन जज इस साल कोरोना काल में सेवानिवृत हुए, लेकिन उनके सम्मान में किसी भी तरह के विदाई समारोह का आयोजन नहीं किया गया. उसी तरह उच्चतम न्यायालय की न्यायाधीश जस्टिस भानुमति 19 जुलाई को, कोरोना संक्रमण काल में ही सेवानिवृत हुई लेकिन इस तरह का कोई आयोजन नहीं हुआ. हाँ, जस्टिस भानुमति के सम्मान में एक वेबीनार (webinar) का आयोजन जरूर हुआ था जिसमें लोगों का जमावड़ा नहीं होता है. सबों ने केंद्र सरकार द्वारा प्रचारित एसओपी (Standard Operating Procedure) का पालन करने में कोई कोताही नहीं की.

हालांकि गया में डिस्ट्रिक्ट जज चंद्रशेखर झा की विदाई समारोह में उपस्थित लोगों में से किसी के भी कोरोना पॉजिटिव होने की रिपोर्ट अभी तक नहीं आई है लेकिन इसकी कोई गारंटी नहीं है की ऐसी रिपोर्ट न आए. यह और भी अफसोस की बात है कि वहां जो लोग भी आए थे सपरिवार आये थे, जिनमें बच्चे भी शामिल थे और सबों को जोखिम में डाला गया. यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और अफसोसनाक है जिसकी तसदीक यह फ़ोटो ही करता है.

बताते चलें, हाल ही में गया व्यवहार न्यायालय के जिला जज चंद्रशेखर झा का स्थानान्तरण पटना उच्च न्यायालय में निबंधक (प्रशासन) के पद पर हुआ है.

गौरतलब है कि अभी तक कोरोना महामारी के कारण उच्चतम न्यायालय से लेकर निचली अदालत तक में न्यायिक कार्य सुचारू रूप से शुरू नही किया गया है. कोर्ट में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सुनवाई हो रही है जिससे अधिवक्ताओं एवं मुवक्किलों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. कोरोना संक्रमण से बचने के लिए उच्च न्यायालय पटना द्वारा समय समय पर दिशा निर्देश जारी किये जा रहे हैं जिसके आधार पर निचली अदालतों के न्यायिक कार्य सम्पन्न हो रहे हैं.

सासाराम व्यवहार न्यायालय 4 अक्टूबर तक बंद

दूसरी तरफ खबर यह है कि रोहतास जिला जज समेत चार न्यायिक पदाधिकारी कोरोना संक्रमित पाए गए हैं जिसके कारण सासाराम सिविल कोर्ट को 4 अक्टूबर 2020 तक बंद कर दिया गया है.