लॉकडाउन : जरूरतमंदों को थाने में खाने की व्यवस्था

पटना (संदीप फिरोजाबादी की रिपोर्ट) :- सम्पूर्ण देश में लॉकडाउन के चलते सभी राज्यों से लोगों का अपने गांव में पलायन जारी हैं. केंद्र सरकार और राज्य सरकार के द्वारा लोगों से घर में ही रहने की अपील के बावजूद भी लोगों का आवगमन लगातार लगा हुआ है. कारखाने, फैक्ट्री और कंपनी सभी बंद हो जाने से लोगों के पास इन दिनों रोजगार न होने की वजह से पैसों की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा हैं जो पलायन का सबसे बड़ा कारण है. लॉकडाउन की घोषणा के बाद से ही बिहार में भी बाहरी राज्यों से रोज़ाना लोगों का आना लगातार जारी है.

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य के सभी आला अफसरों और प्रशासन को पहले ही निर्देश दिया था कि लॉकडाउन के दौरान गरीबों और जरूरतमंदों की मदद के उचित प्रबंध किये जाएं ताकि लॉकडाउन के दौरान लोगों को किसी भी परेशानी का सामना न करना पड़े. मुख्यमंत्री के आदेशानुसार डीजीपी ने निर्देश जारी कर कहा है कि “बिहार के सभी थानों में जरूरतमंदों को खाना खिलाने की व्यवस्था की जाए. साथ ही उनकी हर सम्भव मदद की जाये.

डीजीपी ने निर्देशानुसार पुलिस प्रशासन पूरी तरह से लॉकडाउन के चलते प्रभावित हुए लोगों की मदद में जुट गई है. लॉकडाउन की वजह से अन्य राज्यों से चलकर बिहार में अपने घर लौट रहे लोगों को प्रशासन द्वारा खाना खिलाने की व्यवस्था कर दी गयी है. इसके साथ ही फुटपाथ व रैन बसेरा में रहने वालों को खाने के पैकेट बांटे जा रहे हैं. पटना जिला प्रशासन दूसरे जिलों व प्रदेश से पैदल चलकर पटना पहुंचने वाले मजदूरों को खाना खिलाने के साथ ही उनकी कोरोना की जांच भी करा रहा है. पटना में चार जगह खाना खिलाने और ठहरने के लिए केंद्र बनाए गए हैं.

आम राशन की दुकानें, फल और सब्जी, डेयरी और दूध, मीट और मछली, अनाज, सब्जी व अन्य जरूरी सामान की कमी न हो इसके लिए परिवहन विभाग ने निर्देश दिया है कि खाद्य सामग्री लोड ट्रक के परिवहन पर अब कोई रोकटोक नहीं है.