डोर-टू-डोर स्क्रीनिंग का मिलने लगा फायदा

पटना (संदीप फिरोजाबादी की रिपोर्ट) :- बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे ने कहा है कि, “पिछले पांच दिनों में कोरोना का प्रभाव जिस प्रकार से बढ़ा है वह चिंताजनक जरूर है लेकिन स्वास्थ्य विभाग की सक्रियता का ही परिणाम है कि दूसरे घनी आबादी वाले राज्यों की तुलना में बिहार में मृत्युदर दूसरे राज्यों की अपेक्षाकृत काफी कम है.

स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे ने कहा है कि, “बिहार में कोरोना पर जल्द से जल्द काबू पाने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम घर घर जाकर स्क्रीनिंग कर रही हैं. इसका फायदा यह हो रहा है कि स्वास्थ्य विभाग मरीजों को खोजने में सफल भी हो पा रहा है. सरकार द्वारा राज्य में कोरोना सैंपल जांच में तेजी लाने के लिए राजेंद्र स्मारक चिकित्सा विज्ञान अनुसंधान संस्थान (RMRI) में और  इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (IGIMS) में अत्याधुनिक व उच्च क्षमता वाली आरटी-पीसीआर (RT-PCR) मशीन को लगाया गया है, जिससे कोरोना जांच की क्षमता बढ़ गई है”.