दहेज ह’त्या कांड में क’ब्र खोद कर निकाला गया श’व

छपरा (TBN रिपोर्ट) |भारत सरकार द्वारा दहेज़ के खिलाफ सख्त कानून बनाने के बावजूद भी लोग इस क़ानून को अनदेखा करते हुए दहेज़ हत्या जैसे संगीन अपराध को अंजाम देते हुए नहीं डरते हैं. ऐसी ही एक वारदात तरैया प्रखण्ड के गलिमापुर गाँव में घटित हुई और एक बार फिर एक बेटी को दहेज़ के दानव ने निगल लिया.

घटना के अनुसार सिवान जिले के लकड़ी नबीगंज थाना के लखनौरा गाँव निवासी इरशाद आलम ने तरैया थाने में अपनी 29 वर्षीय बहन शाहीना खातून की दहेज के लिए हत्या करने के मामले में 08 जून को एफआईआर दर्ज कराई थी और शव के पोस्टमार्टन के लिए शव को कब्र से बाहर निकलवाने के लिए वरीय अधिकारियों से निवेदन किया था. जिसके आलोक में मढ़ौरा एसडीएम विनोद कुमार तिवारी ने शव को कब्र से बाहर निकालने के लिए मजिस्ट्रेट बहाल कर तरैया थाने को सूचित किया था.

इसके बाद विगत 13 जून शनिवार को मजिस्ट्रेट सीओ वीरेन्द्र मोहन एवं तरैया थानाध्यक्ष राजेश कुमार दल बल के साथ शव को कब्र से बाहर निकालने के लिए पहुँचे थे, लेकिन ग्रामीणों की काफी भीड़ एकत्रित हो गयी और ग्रामीणों से बातचीत में ही प्रशासन उलझ कर रहा गया. तब तक अधिक समय बीत जाने के कारण शाम हो गयी और पुलिस वापस लौट आयी.

दूसरे दिन 14 जून रविवार को मढ़ौरा एसडीपीओ इन्द्रजीत बैठा,मजिस्ट्रेट वीरेन्द्र मोहन,तरैया थानाध्यक्ष राजेश कुमार तथा पानापुर,मढ़ौरा, अमनौर एवं मसरख थाना पुलिस प्रशासन दल बल सहित अपनी पूरी तैयारियों के साथ आये. प्रशासन की तैयारी को देखते हुए किसी भी ग्रामीण ने कब्रिस्तान में शव उखाड़ने का विरोध नहीं किया.

प्रशासन की मौजूदगी में पुलिस ने शांतिपूर्ण तरीके से कब्र खोद कर शव को बाहर निकाला और पोस्टमार्टम के लिए छपरा भेज दिया. मृतका के भाई से मिली जानकारी के अनुसार दहेज की रकम नहीं मिलने से नाराज शाहीना खातून के पति शाहनवाज और उक्त सभी लोगो शाहीना खातून की हत्या 04 जुलाई 20 कर साक्ष्य छुपाने के लिए शव को गायब कर दिया था. मृतका की शादी को 09 वर्ष हो चुके थे और मृतका के दो पुत्र और एक 08 माह की पुत्री भी है.