मुंगेर पुलिस ने घटना के 6 घंटे के अंदर हत्यारों को किया गिरफ्तार

साला की हत्या करने वाला बहनोई दोस्त समेत गिरफ्तार
घटना के 6 घंटे के अंदर पुलिस ने दोनों अपराधियों को किया गिरफ्तार
हत्या में प्रयुक्त पिस्टल और देसी कट्टा बरामद
बदमाशों ने पुलिस पर चलाई गोलियां, पुलिस ने भी की जवाबी कार्रवाई

मुंगेर (अभिषेक कुमार सिन्हा – The Bihar Now) | कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत गार्डन बाजार निवासी गोलू राम की हत्या में शामिल बहनोई और उसके दोस्त को गिरफ्तार कर लिया गया है. पुलिस ने घटना के 6 घंटे के अंदर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. हत्या में प्रयुक्त हथियार भी बरामद कर लिया गया है तथा मोटरसाइकिल भी बरामद की गई है.

मुंगेर पुलिस अधीक्षक लिपि सिंह ने बताया कि हत्यारों की गिरफ्तारी के लिए सदर एएसपी हरिशंकर कुमार के नेतृत्व में छापामारी दल का गठन किया गया. टीम में इंस्पेक्टर विनय सिंह और कासिम बाजार थानाध्यक्ष शैलेश कुमार के अलावा जिला आसूचना इकाई की टीम को शामिल किया गया.

पुलिस अधीक्षक लिपि सिंह ने बताया कि कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत गार्डन बाजार निवासी गोलू राम की हत्या के बाद पूरे जिला में सघन चेकिंग कराई गई थी. कासिम बाजार थाना क्षेत्र में दो जगहों पर पुलिस ने वाहन जांच की कार्रवाई शुरू की थी. इसी दौरान कर्बला के पास देर रात 2:30 बजे बाइक सवार दो युवकों को जाते देखा गया. पुलिस ने रुकने का इशारा किया तो बाइक सवार युवक बाइक घुमाकर भागने लगे. पुलिस बल द्वारा पीछा करने पर अपराधियों द्वारा गोलियां भी चलाई गई. पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए फायरिंग की.

दो घंटे की भागदौड़ के बाद गंगा नदी की ओर भाग रहे अपराधियों को काफी मशक्कत से पकड़ा गया. अपराधियों द्वारा सोलह राउंड फायरिंग की गई जबकि पुलिस द्वारा छह राउंड फायरिंग की गई. हिरासत में लिए जाने पर अपराधियों की पहचान रूपेश कुमार साकिन कैथमा थाना मुफस्सिल जिला बेगूसराय और रघुवीर कुमार साकिन हीरा लाल चौक नगर थाना जिला बेगूसराय के रूप में की गई. इनके पास से एक 7.65 एमएम सेमी ऑटोमेटिक पिस्टल, मैगजीन, 7.65 एमएम की 4 गोलियां, एक देसी पिस्तौल तथा .315 बोर की 4 गोलियां बरामद की गई.

मुंगेर एसपी लिपि सिंह ने बताया कि गिरफ्तार अपराधियों ने हत्या में अपनी संलिप्तता को स्वीकार किया है तथा पूछताछ के दौरान यह भी बताया कि बेगूसराय से दोनों हत्या की नीयत से ही मुंगेर आए थे और हत्या के बाद वापस बेगूसराय भागने की तैयारी थी लेकिन चारों तरफ सघन वाहन जांच अभियान और पुलिस की मुस्तैदी को देखकर अपराधी मुंगेर शहर में ही इधर-उधर घूमते रहे. इसी दौरान कासिम बाजार थाना क्षेत्र में चुआबाग कर्बला के पास पुलिस और अपराधियों के बीच हल्की मुठभेड़ हुई. हालांकि किसी को किसी प्रकार की चोट नहीं आई.

गिरफ्तार अपराधियों ने यह भी स्वीकार किया कि रूपेश कुमार की पत्नी सपना दो साल पूर्व अपने पति को छोड़कर चली गई थी. इसी बात से खुन्नस खाकर वह अपनी पत्नी को खोजते हुए ससुराल आया था और वहां साला से विवाद होने के बाद इसने उसकी हत्या कर दी. रुपेश और रघुवीर दोनों दोस्त हैं. बेगूसराय से दोनों साथ ही मुंगेर आए थे. हत्या के बाद वापस बेगूसराय जाने का इन लोगों ने प्रयास किया लेकिन हर तरफ पुलिस की मौजूदगी देख अपराधियों ने सुबह होने के बाद बेगूसराय जाने का निश्चय किया और मुंगेर शहर में ही घूमते रहे. इसी दौरान पुलिस की कई टीमें कोतवाली, कासिम बाजार, जमालपुर, सफियासराय इलाके में सघन गश्त कर रही थी. हर तरफ पुलिस की मौजूदगी देख अपराधियों ने छोटी तंग गलियों में छुप कर समय बिताने की रणनीति बनाई थी लेकिन अंततः पुलिस के हत्थे चढ़ गए.

11 साल से अपराध जगत में सक्रिय है रुपेश, 6 बार जा चुका है जेल

बेगूसराय के मुफस्सिल थाना क्षेत्र अंतर्गत कैथमा गांव का रहने वाला रूपेश पिछले 11 सालों से अपराध जगत में सक्रिय है. पुलिस अधीक्षक लिपि सिंह ने बताया कि उसके खिलाफ लूट, रंगदारी, डकैती, हत्या, हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट जैसे आरोपों में कई प्राथमिकियां दर्ज हो चुकी हैं. कुछ साल पहले बेगूसराय में एक दिन में लूट की तीन वारदातों को इसने अंजाम दिए जाने की बात भी स्वीकार की है. 11 साल पहले बेगूसराय के बीहट में बाइक लूट की घटना को अंजाम देने पर यह पहली बार जेल गया था और उसके बाद इसके खिलाफ बेगूसराय और समस्तीपुर में कई मामले दर्ज हो चुके हैं. बेगूसराय के कई अपराधियों के साथ मिलकर इसने कई घटनाओं को अंजाम दिया था.

7 साल पहले किया प्रेम विवाह, 2 साल पहले पत्नी ने तोड़ा नाता

रूपेश ने मुंगेर की सपना के साथ प्रेम विवाह किया था. सपना का ननिहाल बेगूसराय में है और वहीं दोनों की जान पहचान हुई थी. सात साल पहले दोनों ने प्रेम विवाह किया था. इस दौरान वह बार-बार जेल जाता रहा. 2 साल पहले जब रूपेश जेल में था तब सपना पति को छोड़कर चली गई. इसी के बाद रूपेश पर खून सवार हो चुका था. 15 दिन पहले ही जेल से बाहर आने के बाद उसने अपनी पत्नी की खोजबीन शुरू की थी और अपनी पत्नी को खोजते हुए ही वह मुंगेर आया था. पत्नी को खोजते हुए मुंगेर आने के बाद साले से इसका विवाद हुआ और उसकी गोली मारकर हत्या कर दी गई. साला की हत्या करने के बाद इसने अपनी साली को भी हत्या की धमकी दी थी.